गर्मी पर भारी भोले की भक्ति

Mon 17-Jul-2017 07:41:03

- परतापुर बाईपास पर शिविरों में आई रौनक

- हरियाणा और दिल्ली के कांवडि़यों का आगमन शुरू

- भीषण गर्मी के बावजूद भी नहीं थम रहे कदम

MEERUT। महाशिवरात्रि की तिथि जैसे जैसे नजदीक आ रही है शहर की सड़कों पर कांवडि़यों का भगवा रंग चढ़ता जा रहा है। शहर टोल प्लाजा, पल्लवपुरम, परतापुर बाईपास और दिल्ली रोड पर जगह- जगह सेवा शिविरों में कांवडि़यों का स्वागत सत्कार किया जा रहा है। हरिद्वार से आने वाले कांवडि़यों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

आने लगे कांवडि़ए

हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के कांवडि़यों का भारी संख्या में हरिद्वार से आना जारी है। ऐसे में रविवार को बाईपास और दिल्ली रोड हरियाणा और दिल्ली की कांवड़ों से सराबोर दिखी। सुबह से ही भगवान शिव की झांकियों से सजी ट्रॉली कांवड़ देखने के लिए लोगों का जमघट सड़कों पर जमा रहा। अभी शहर के कांवडि़यों की हरिद्वार से वापसी नही हुई है इसलिए अभी हाईवे पर भोलों का हुजूम कुछ कम है। उम्मीद है कि मंगलवार से मेरठ समेत आसपास के लोकल क्षेत्र के कांवडि़यों का हुजूम भी हरिद्वार से मेरठ पहुंच जाएगा।

नहीं थम रहे कदम

रविवार को भीषण गर्मी और उमस के बाद भी कांवडि़यों का जोश कम नही हुआ। हरिद्वार से पैदल जल लेकर आ रहे कांवडि़यों को गर्मी से निजात दिलाने के लिए शिविर संचालकों ने नहाने के पानी तक की विशेष व्यवस्थकी है।

जयकारों की गूंज

शहर की सड़कें भगवान भोलेनाथ के जयकारों से गूंज रही हैं। शहर के बाहर बाईपास से लेकर शहर में पल्लवपुरम से होते हुए गांधी बाग से बेगमपुल, सोतीगंज, भैंसाली बस अड्डा, जली कोठी चौराहा, घंटाघर चौराहा, बागपत चौराहा से पूरे दिल्ली रोड पर जगह- जगह शिविरों में बाबा भोले के गीतों की धुनों पर कांवडि़ये झूमते दिख रहे हैं। ऐसे में दिल्ली रोड बाबा के गीतों से भक्तिमय है। हालांकि इस बार प्रशासन ने डीजे पर रोक लगाई थी बावजूद इसके ट्रॉली कांवड़ के साथ शिविरों में भी भारी भरकम डीजे सेट का प्रयोग किया जाहा है।

खानपान का इंतजाम

भोलों की सेवा के लिए गांधी बाग से लेकर टोल प्लाजा तक करीब 27 कांवड़ सेवा शिविरों का संचालन शुरु हो चुका है। इससे अलग दर्जनों सेवा शिविर अभी लगाए जा रहे हैं। ऐसे में सेवा शिविरों में भोलों के खानपान के साथ आराम का पूरा इंतजाम किया गया है।

inextlive from Meerut News Desk

 
Web Title : Coming Are In The Bhole