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रहिए सावधान! क्रेडिट कार्ड से ठगी वाला बड़ा गैंग सक्रिय

by Inextlive

Wed 11-Oct-2017 03:56:27

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-शहर में क्रेडिट कार्ड पहुंचने से पहले ठगों को मिल रही है जानकारी -डॉक्टर और एक कोचिंग संचालक के क्रेडिट कार्ड की इनफार्मेशन के पता करने के नाम पर कर ली शॉपिंग

BAREILLY :

अगर आपने बैंक में क्रेडिट कार्ड के अप्लाई किया है तो अलर्ट हो जाइए. शहर में साइबर ठगों का गैंग सक्रिय हो गया है. बीते दो दिनों में ठगों ने दो लोगों से क्रेडिट कार्ड की डिटेल पूछ कर हजारों रुपए की शॉपिंग कर डाली. पोस्ट के माध्यम से घर पर क्रेडिट कार्ड पहुंच रहा है, उसके कुछ देर बाद ही ठग बैंककर्मी बन कस्टमर से कार्ड के वेरिफिकेशन के नाम पर सारी जानकारी प्राप्त कर ले रहे हैं. कस्टमर को मोबाइल पर मेसेज आने के बाद ठगी की जानकारी होती है. इसके बाद पीडि़त मजबूर होकर बैलेंस वापस पाने के लिए पुलिस थाना और बैंक के चक्कर लगाकर परेशान होता है. आईए बताते हैं आपको शहर के ठगी के शिकार हुए पीडि़तों की कहानी..

 

कोचिंग संचालक को ठगा

 

कोतवाली क्षेत्र के 12-सिविल लाइंस निवासी मोहित गुप्ता ने बताया कि वह कोचिंग संचालक हैं. उन्होंने क्रेडिट कार्ड के लिए एसबीआई में अप्लाई किया था. तो उनके पास 27 सितम्बर को घर क्रेडिट कार्ड पहुंचा था, लेकिन कुछ देर बाद ही उनके फोन पर एक कॉल आई उसने खुद को बैंक कर्मी बताते हुए कार्ड का वेरिफिकेशन करने के नाम पर जरूरी जानकारी पूछ ली. और बाद में ओटीपी भी पूछ लिया. जिसके बाद उनके मोबाइल पर 20 हजार रुपए की शॉपिंग करने का मैसेज आया. जिससे उन्हें ठगी का एहसास हुआ तो वह थाने तहरीर लेकर गए ,लेकिन कोई सुनवाई नहीं तो वह एसपी क्राइम के पास पहुंचे और कार्रवाई की मांग की.

 

पशु चिकित्साधिकारी को ठगा

इज्जतनगर थाना के महानगर 141 उत्सव अपार्ट निवासी डॉ. सुरेन्द्र कुमार मुरादाबाद में पशु चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात हैं. उन्होंने एसबीआई में क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई किया था. क्रेडिट कार्ड निजी कोरियर कम्पनी से 29 सितम्बर को घर पर पहुंच गया. इसके कुछ देर बाद ही डॉ. सुरेन्द्र कुमार के मोबाइल पर फोन आया और ठग ने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए बताया कि आपके क्रेडिट कार्ड का वेरिफिकेशन करना है. डॉ. ठग को बैंक कर्मी समझ बैठे और उसे पूरी डिटेल बता दी. डिटेल बताने के कुछ देर बाद ही पीडि़त मोबाइल पर 8077 रुपए शॉपिंग करने का मैसेज आ गया. पीडि़त ने तुरंत उसी नम्बर पर कॉल की तो ठग ने बताया कि आपके पैसे नहीं कटे है मैसेज आया है पैसे वापस आ जाएंगे. और आपके पास सीनियर अफसर की कॉल आएगी. इसके बाद उसका नम्बर ऑफ हो गया.

 

समझदारी से बच गए पैसे

ग्रीनपार्क निवासी योगेश ने बताया कि उन्होंने भी एसबीआई से क्रेडिट कार्ड इशू कराया. कार्ड घर पर पहुंचा तो उसके दूसरे दिन एक कॉल आई जिसमें उसने खुद को बैंक कर्मी बताया और क्रेडिट कार्ड का नम्बर आदि पूछा. जिसके बाद उसने बताया कि वेरिफिकेशन के बाद ही कार्ड चालू होगा, लेकिन वह समझ गए कि यह बैंक कर्मी नहीं बल्कि ठग बोल रहा है. उन्होंने उसे कुछ भी इनफामर्ेंशन देने से इनकार कर दिया.

 

नहीं दी इनफामर्ेंशन

ग्रीन प्लाई के मैनेजर अमन ने भी एसबीआई का क्रेडिट कार्ड इशू कराया. कार्ड इशू कराने के बाद जैसे ही उनके पास कार्ड पहुंचा तो उसी दिन शाम को किसी अजनबी की कॉल आई. जिसमें कॉल करने वाले बताया कि आपके क्रेडिट कार्ड का वेरिफिकेशन करना है. कुछ जरूरी डिटेल बताना होगा. अमन ने कॉल करने वाले को बताया कि वह बैंक आकर ही वेरिफिकेशन करा लेंगे. जिसके बाद उसने क्रेडिट कार्ड बंद करने की धमकी देते हुए फोन काट दिया.

 

आखिर कहां से हो रही सूचना लीक

ठगी के शिकार हो रहे लोग बैंक और पुलिस अफसरों से ठगी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन इस बात तक कोई नहीं पहुंच पा रहा है कि जानकारी बैंक से ठगों तक पहुंच रही है या फिर कोरियर और डाक कर्मियों के माध्यम से ठगों तक पहुंच रही है. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है. ठगी पीडि़तों का कहना है कि उन्होंने क्रेडिट कार्ड अप्लाई किया इसकी जानकारी तो बैंक कर्मी और कोरियर या फिर डाक कर्मी के अलावा किसी को नहीं होती है. इसका मतलब है कि वहीं से पूरी जानकारी लीक हो रही है. पुलिस को जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए.

 

यह बरतें सावधानी

-क्रेडिट कार्ड से संबधित जानकारी किसी से शेयर न करे.

-बैंक कर्मी बनकर कोई क्रेडिट कार्ड की डिटेल मांगे तो न बताएं.

-बैंक फोन पर कोई डिटेल नहीं मांगता है वह कस्टमर को बैंक बुलाकर डिटेल मांगता है.

-समय-समय पर पिन चेंज करते रहे, और इसे घर से सदस्यों को छोड़कर किसी को शेयर न करे.

-प्रॉब्लम आने पर संबंधित बैंक से तुरंत सम्पर्क करें.

 

 

क्रेडिट कार्ड की गोपनीय जानकारी किसी को नहीं देना चाहिए. बैंक कभी गोपनीय जानकारी अपने अकाउंट होल्डर से नहीं मांगते हैं. अगर कोई ओटीपी और कार्ड नम्बर पूछे तो कभी शेयर न करें.

रमेश भारतीय, एसपी क्राइम

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