डर फैल रहा है घर-घर

Sat 20-May-2017 07:40:58

- सोशल मीडिया पर खूब दौड़ रही डेथ कॉल की अफवाह

- नौ नम्बर के मोबाइल कॉल से ब्लास्ट होने का बता रहे खतरा

- और भी डराने वाले मैसेज पहुंच रहे एक- दूसरे तक

varanasi

हर किसी को जोड़ने वाला सोशल मीडिया इन दिनों डर फैलाने का माध्यम बन गया है। इनके जरिए ऐसे- ऐसे मैसेज हर घर तक पहुंच रहे हैं कि पढ़ने वाला कांप उठ रहा है। कोई मैसेज लूट का डर बता रहा है तो कोई मौत का। इस वक्त जो सोशल मीडिया पर सबसे अधिक वायरल हुआ है वो है नौ डिजिट का मोबाइल नम्बर। जिसे डेथ कॉल का नाम दे दिया गया है। इसमें दावा किया जा रहा है कि अगर आपके मोबाइल पर 777888999 नंबर से फोन आए तो उसे रिसीव न करें। सोशल मीडिया पर इसे डेथ कॉल बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि इस नंबर से आने वाली कॉल वायरस युक्त है। फोन आने पर कॉल रिसीव करते ही मोबाइल ब्लास्ट हो जा रहा है और कॉल रिसीव करने वाले की मौत हो जा रही है.

हर ग्रुप में दौड़ रहा

डेथ कॉल का मैसेज सोशल मीडिया पर इतनी तेजी से वायरल हुआ कि महज चंद घंटों में वाट्सएप्प के लगभग हर ग्रुप में नजर आने लगा। पसर्नल वाट्सएप्प नम्बर पर भी लोग इस मैसेज को भेजकर अपनों को अलर्ट कर रहे हैं। फेसबुक पर भी लोगों ने डेथ कॉल के मैसेज को खूब दौड़ाया है। यही नहीं मैसेज को सच साबित करने के लिए किसी ब्लास्ट मोबाइल की पिक भी डाल दे रहे हैं। इन्हें देखने वाला घबरा जा रहा है और अपनों को सतर्क करने के लिए मैसेज के साथ ही कॉल करके भी इसके बारे में जानकारी दे रहा है।

महज अफवाह है मैसेज

डेथ कॉल का सच्चाई से दूर- दूर तक वास्ता नहीं है। पूरी दुनिया में अभी तक ऐसा कोई केस सामने नहीं आया है जिसमें मोबाइल कॉल रिसीव करने के बाद मोबाइल ब्लास्ट हुआ हो और रिसीव करने वाले की मौत हो गयी हो। साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि पहले भी देश में डेथ कॉल की कई अफवाहें सामने आ चुकी हैं। लेकिन आज तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। अभी तक इस तरह की कोई तकनीक विकसित नहीं हुई है कि किसी के मोबाइल पर फोन कर उसे ब्लास्ट कराया जा सके। टेलिकॉम एक्सप‌र्ट्स के अनुसार भारत में दस अंकों का मोबाइल नंबर होता है। डेथ कॉल में जो नंबर बताया जा रहा है वो नौ अंकों का है। कुछ देश में नौ अंकों का मोबाइल व फोन नंबर है। वहां से भी अगर फोन आएगा तो नंबर से पहले उस देश का आईएसडी कोड लगा होगा, जैसे भारत का आईएसडी कोड (+9क्) है। इसलिए यह महज अफवाह है.

और भी डरा रहे मैसेज

- रैंसमवेयर के वानाक्राई वायरस अटैक से मोबाइल और एटीएम कार्ड के क्रैश होने की अफवाहें फैल रही हैं

- आधार कार्ड की डिटेल मांगकर बैंक एकाउंट से रुपये उड़ाने का डर फैलाया जा रहा है

- वैक्सीनेशन के बहाने लूटने वाले गिरोह की खबर खूब दौड़ रही है सोशल मीडिया पर

- भीड़ में इंजेक्शन लगाकर गंभीर बीमारी फैलाने वाले गिरोह की सक्रियता की अफवाह

- हाईवे पर दौड़ रही गाडि़यों के शीशे पर अंडा फेंककर लूटने वाले गिरोह की खबर

प्रशासन रख रहा निगरानी

सोशल मीडिया पर दौड़ रहे डेथ कॉल समेत तमाम डराने वाले मैसेज को एसएसपी नितिन तिवारी ने शरारती तत्वों का करामात बताया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर ऐसा किसी भी तरह के मैसेज जिससे पब्लिक में डर फैलता है उस पर नजर रखी जा रही है। ऐसे मैसेज फैलाने वालों पर एक्शन लिया जा रहा है। उन्होंने पब्लिक से अपील की है इस तरह के डराने वाले मैसेज को फैलने से रोकें।

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Web Title : Fear Is Every Where