Illeagal Gas Filling Stations Running in Gorakhpur

Local

छोटे कमरों में तबाही केगैस स्टेशन!

by Inextlive

Thu 12-Oct-2017 07:00:26

gas,gas station,gas cylinder,auto,autorickshaw,gorakhpur news,gorakhpur news today,gorakhpur news live,gorakhpur news headlines,gorakhpur latest news update,gorakhpur news paper today,gorakhpur news live today,gorakhpur city news

- सिटी के रिहायशी इलाकों में चल रहे अवैध गैस फिलिंग पंप

- गैस- चूल्हे की आड़ में चलता है अवैध धंधा

GORAKHPUR: शहर के कई रिहायशी इलाके ज्वलनशील गैस के खतरे की जद में हैं। जी हां, ये बिल्कुल सच है। सिटी के कई एरियाज में गैस- चूल्हे की दुकानों के रूप में पूरे गैस पंप स्टेशन ही अवैध रूप से चल रहे हैं। जहां ऑटो में अवैध ढंग से गैस फिलिंग का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है। रिहायशी एरिया में बसे इन अवैध गैस फिलिंग संचालकों के इन गैस पंप सेट में जरा सी गड़बड़ी भी बड़ी तबाही का कारण बन सकती है। हड़हवा फाटक के पास चल रहे ऐसे ही एक अवैध गैस फिलिंग दुकान की शिकायत सामने आने पर दैनिक जागरण आई नेक्स्ट द्वारा की गई पड़ताल में इस गोरख धंधे की चौंकाने वाली हकीकत सामने आई।

टाइम- दोपहर 1.30 बजे

स्पॉट - हड़हवा फाटक

दैनिक जागरण आई नेक्स्ट रिपोर्टर मामले की पड़ताल करने हड़हवा फाटक स्थित प्रदीप विश्वकर्मा के गैस चूल्हे की दुकान पर पहुंचा तो वहां कई ग्रीन ऑटो खड़े मिले। दुकान से सटे घर में घुसने पर गैस पंप का पूरा सेटअप दिखा। साथ ही चार घरेलू गैस सिलेंडर रखे थे। जब रिपोर्टर ने दुकान मालिक से गैस पंप को लेकर सवाल पूछा तो वह घबराने लगा। इस बीच घर के सभी सदस्य बाहर आ गए। पोल खुलती देख उन लोगों ने इस अवैध धंधे की पूरी हकीकत स्वीकार कर ली। वहीं, इस दुकान पर हो रहे इस काम की शिकायत डीएम, एसएसपी, जिलापूर्ति अधिकारी से करने वाले आसपास के लोगों का कहना था कि प्रदीप यह धंधा पिछले कई वर्षो से कर रहा है। लोगों ने उसे कई बार मना किया लेकिन वह नहीं माना।

टाइम - दोपहर 2.00 बजे

स्पॉट - बशारतपुर रोड

इसके बाद मिली जानकारी के आधार पर रिपोर्टर बशारतपुर रोड की तरफ बढ़ा तो हड़हवा फाटक के दक्षिणी छोर पर स्थित शर्मा लाइट हाउस की दुकान मिली। जहां बिजली से संबंधित काम नहीं बल्कि गैस चूल्हे से संबंधित कार्य हो रहे थे। रिपोर्टर जब दुकान के करीब पहुंचा तो देखा कि गैस एजेंसी का एक हॉकर महिला दुकानदार को सिलेंडर दे रहा था। पूछे जाने पर उसने बताया कि वह सिलेंडर ब्लैक नहीं बल्कि महिला को उसके कनेक्शन पर दे रहा है। जबकि दुकान के अंदर कॉमर्शियल से लेकर घरेलू सिलेंडर की भरमार थी। पड़ताल करने पर यहां भी गैस पंप का पूरा सेटअप मिला.

जरा सी गड़बड़ कर देगी बड़ा हादसा

बता दें, सिटी में ग्रीन आटो की संख्या करीब 4630 है। ये आटो एलपीजी किट से संचालित होते हैं। इनके लिए तारामंडल स्थित महज एक ही फिलिंग सेंटर रजिस्टर्ड है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां तमाम ग्रीन आटो में एलपीजी गैस फिलिंग करने वाले अवैध संचालकों ने अपने घर व दुकानों में ही गैस पंप की मशीनें लगा रखी हैं। इनके मशीन लगाने से न सिर्फ इनका परिवार पूरी तरह एलपीजी से घिरा है। बल्कि मशीन में जरा सी लीकेज पूरे मोहल्ले के लिए ही काल बन सकती है। यह कोई एक मोहल्ले की बात नहीं बल्कि सिटी के कई मोहल्लों में यह धंधा अवैध रूप से कई वर्षो से चल रहा है।

डीएम तक पहुंची शिकायत

गोरखनाथ एरिया के जटेपुर उत्तरी निवासी आरबी सिंह ने मंगलवार को डीएम से इस धंधे संबंधित शिकायत की थी। जिसमें कहा गया कि हड़हवा फाटक के पास प्रदीप विश्वकर्मा नामक व्यक्ति की गैस चूल्हे की दुकान है। आरबी सिंह ने आरोप लगाया कि गैस चूल्हा, कुकर आदि की दुकान के आड़ में प्रदीप घरेलू सिलेंडर से ऑटो रिक्शा व पेट्रोमैक्स सिलेंडर में एलपीजी भरने का काम धड़ल्ले से कर रहा है। सुबह से लेकर देर रात तक ऑटो वालों की लाइन लगी रहती है। घरेलू सिलेंडर से ऑटो में फिलिंग करने के लिए बकायदा गैस पंप तक लगाया गया है। इससे मोहल्ले में कोई अप्रिय घटना हो सकती है।

बॉक्स

एलपीजी फिलिंग स्टेशन पर तो आते ही नहीं ऑटो

रिपोर्टर ने तारामंडल स्थित रजिस्टर्ड एलपीजी फिलिंग स्टेशन के मैनेजर अशोक कुमार सिंह से भी बात की। उन्होंने बताया कि एक दिन में एक हजार लीटर से भी कम की एलपीजी गैस की सेल होती है। यानी कि डेली करीब 15 से 20 ऑटो में ही यहां से गैस भराई जा रही है। अशोक के मुताबिक पहले जब सब्सिडी पर सिर्फ छह सिलेंडर मिलते थे तो इसकी खपत करीब चार हजार लीटर से ज्यादा थी। उस समय सिटी में ऑटो की संख्या भी काफी कम थी। लेकिन जैसे- जैसे घरेलू गैस सब्सिडी बढ़ती गई, वैसे- वैसे फिलिंग स्टेशन पर सेल कम होती चली गई। उन्होंने बताया कि अब तो पहले की तुलना में ऑटो की संख्या भी काफी बढ़ती जा रही है, लेकिन गैस की सेल पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। चूंकि सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडर फिलिंग स्टेशन की तुलना में काफी सस्ते पड़ते हैं, इसलिए ज्यादातर ऑटो वाले अवैध गैस फिलिंग संचालकों से ही घरेलू गैस भरवा ले रहे हैं।

एक सिलेंडर में दो ऑटो की गैस

दैनिक जागरण- आई नेक्स्ट रिपोर्टर से अवैध गैस फिलिंग करने वाले प्रदीप विश्वकर्मा ने बताया कि वह एक ग्रीन आटो में 70 रुपए किलो के हिसाब से गैस रिफलिंग करता है। एक बार में 8 किलो गैस की फिलिंग की जाती है। इस तरह 560 रुपए की गैस एक ऑटो में भरी जाती है। जबकि एक घरेलू सिलेंडर में 14 किलो गैस फिल होती है। इस तरह दो ऑटो में 980 रुपए में गैस की फिलिंग की जाती है। जबकि वर्तमान में सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 705 रुपए है।

जिले में कुल ऑटो - 10000

काले ऑटो - 4800

ग्रीन ऑटो - 4630

इन एरियाज में भी चलता है खेल

महेवा बांध, बिछिया, गोरखनाथ, बरगदवां, मोहरीपुर, पैडलेगंज, मोहद्दीपुर

वर्जन

जिलापूर्ति अधिकारी की मदद से अवैध गैस फिलिंग संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

- रमेश कुमार, एरिया मैनेजर, आईओसी

मामला गंभीर है। इस तरह के अवैध गैस रिफलिंग सेंटर्स के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।

- आनंद कुमार, डीएसओ, डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिस

inextlive from Gorakhpur News Desk

Related News
+