Police caught murderer in Agra

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बदला लेने के लिए कथा वाचक की हत्या

Wed 11-Oct-2017 04:04:56

- पुलिस ने किया हत्यारों को गिरफ्तार - एक सप्ताह पहले साजिश को दिया था अंजाम

आगरा. एत्मादपुर थाना क्षेत्र में भाई की हत्या का बदला लेने के लिए कथावाचक को मारा गया. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

 

मोबाइल से मिला सुराग

गांव रनपई के कथावाचक की हत्या पर पुलिस लगातार दबिश दे रही थी. उसे सूचना मिली कि कथावाचक रविशंकर यादव पुत्र चंद्रपाल की हत्या से पहले उसी गांव के सत्यपाल पुत्र जगदीश ने पांच अक्टूबर की शाम सात बजे फोन करके बुलाया था. इसी आधार पर पुलिस ने नौ अक्टूबर को सत्यपाल को गिरफ्तार किया. उससे पूछताछ करके मृतक का टूटा मोबाइल बरामद किया. पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि सत्यपाल के भाई अमर सिंह की क्षत-विक्षत लाश उसी रेलवे ट्रैक पर पिछले साल अक्टूबर महीने में मिली थी. ग्रामीणों ने ट्रेन से कटकर मरने का कारण बताकर पुलिस को सूचना दिए बगैर शवदाह कर दिया. कुछ दिनों बाद ग्रामीणों ने सत्यपाल को बताया कि उसके भाई अमर की हत्या कथावाचक रविशंकर और उसके भाई ऋषि उर्फ नैना ने की है. यह बात सत्यपाल ने अपने भाई सजन यादव को बताई. दोनों बदला लेने की सोचने लगे. उन्होंने गैराज चलाने वाले दोस्त रमेश मिस्त्री को बताया. उसने भी बदला लेने का वादा किया.

 

दोनों पक्षों में हुई थी मारपीट

रमेश ने रविशंकर की ऑटो प्रतिदिन 400 रुपया के हिसाब से अपने रिश्तेदार के स्कूल में लगवाई. एक महीने बाद भी रुपया नहीं दिया. रविशंकर ने रुपया के लिए बार-बार रमेश को फोन किया. इसी बात को लेकर रविशंकर और रमेश के बीच पांच अक्टूबर को झगड़ा और मारपीट हो गई. रमेश ने फोन करके सत्यपाल को बुलाया. सत्यपाल के कहने पर रमेश ने रविशंकर को 500 रुपया दे दिया. शाम को रुपया देने की बात कही. इसके बाद रमेश ने सत्यपाल के साथ रविशंकर को मारने की साजिश रची. सत्यपाल ने अपने भाई सजन यादव को फोन करके चाकू लेकर रेलवे ट्रैक पर आने की सूचना दी. सत्यपाल ने रविशंकर को फोन करके रुपया देने के लिए वहीं रेलवे ट्रैक पर बुलाया. वह जैसे ही वहां पहुंचा. सत्यपाल ने गर्दन पकड़कर पटक दिया और सजन ने चाकू से ताबड़तोड़ वार किए. उसकी लाश को रेलवे ट्रैक पर रख दिया. पुलिस ने सत्यपाल के साथ भाई सजन यादव और रमेश मिस्त्री को गिरफ्तार कर लिया है.

 

ये है मामला

रनपई के रेलवे लाइन पर रविशंकर यादव पुत्र चंद्रपाल का दो टुकड़े में क्षत-विक्षत शव छह अक्टूबर को मिला था. मृतक की पहचान कथावाचक रविशंकर के रूप में की गई थी. पुलिस के लिए ये हत्या चुनौती बनी हुई थी. घटना के रहस्य से पर्दा उठाने में मोबाइल ने कई राज खोले.

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