The laborers see alive anurag

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मजदूरों ने अनुराग को देखा था जिंदा

by Inextlive

Mon 17-Jul-2017 07:40:47

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आई एक्सक्लूसिव

- ट्रक ड्राइवर कुलदीप से पहले तीन मजदूरों ने अनुराग को सड़क पर गिरा देखा था

- पुलिस के डर से मजदूरों ने साध ली थी चुप्पी, सीबीआई ने ढूंढ़ निकाला

- सीबीआई को बताया, अनुराग को छूने पर उसकी धड़कनें चल रही थी

ashok.mishra@inext.co.in

LUCKNOW :

कर्नाटक कैडर के आईएएस अनुराग तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले की जांच कर रही सीबीआई को अहम सफलता हाथ लगी है। सीबीआई ने उन तीन मजदूरों को तलाशा है, जिन्होंने सबसे पहले अनुराग को सड़क पर पड़ा देखा था। तीनों ने नजदीक खड़े ट्रक ड्राइवर को इसके बारे में बताया। मजदूरों ने जब अनुराग को छुआ तो उसकी धड़कनें चल रही थी। इसके बाद वह डर गये कि पुलिस के आने के बाद वह मुसीबत में फंस सकते हैं। लिहाजा उन्होंने चुप्पी साध ली और ट्रक ड्राइवर कुलदीप को इस बारे में चुप रहने को कहा, लेकिन इसका सुराग सीबीआई के हाथ लग गया और उसने तीनों मजदूरों को तलाश कर उनसे पूछताछ की.

ट्रक ड्राइवर से कराया आमना- सामना

स्टेट गेस्ट हाउस में सीबीआई ने तीनों मजदूरों का आमना- सामना ट्रक ड्राइवर कुलदीप से कराया तो पुलिस की लापरवाही के प्रमाण मिलने के साथ घटना से जुड़ी तमाम नई जानकारियां सामने आने लगी। दरअसल तीनों मजदूर नजदीक चल रही कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करते हैं। वहीं जब सीबीआई ने तीनों मजदूरों का आमना- सामना ट्रक ड्राइवर कुलदीप से कराया तो वह सकते में आ गया और अफसरों के सामने पूरी सच्चाई बयां करने लगा। तीनों मजदूरों ने सीबीआई को बताया कि सुबह तकरीबन चार बजे वहां से गुजरने के दौरान उन्होंने अनुराग को सड़क पर गिरा पड़ा देखा और उन्हें उठाने की कोशिश की। इस दौरान अनुराग का जिस्म गर्म था और धड़कनें चल रही थी। बेहद निढाल होने की वजह से वह अनुराग को उठा नहीं सके। अनुराग की बुरी हालत देख तीनों बुरी तरह डर गये और वहां से भाग निकले। इसके बाद कुलदीप ने अनुराग के शरीर को पलटने की कोशिश की। सीबीआई के मुताबिक तीनों मजदूर बहराइच के रहने वाले हैं। फिलहाल उन्हें शहर छोड़कर न जाने की हिदायत के साथ जाने दिया गया है।

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तो क्या नशे का आदी था अनुराग

सूत्रों की मानें तो तीनों ने सीबीआई को बताया कि जिस वक्त उन्होंने अनुराग को उठाने की कोशिश की, उसकी पैंट गीली थी। बाद में सीबीआई ने उनके बयान की पुष्टि के लिए घटना की फोटाग्राफ खंगाली तो उसमें भी इसके प्रमाण मिले। इससे सीबीआई आशंका जाहिर कर रही है कि अत्याधिक नशे की वजह से अनुराग ने पैंट में ही पेशाब कर दी होगी। सीबीआई ने इस मामले की तह तक जाने के लिए दोबारा फोटोग्राफ खंगाले तो कुछ मामला संदिग्ध पाया गया। अब सीबीआई ने इस पहलू की जांच भी शुरू कर दी है कि मौत के एक दिन पहले अनुराग ने कौन सा नशा किया था जिसकी वजह से उसकी यह हालत हो गयी। अब सीबीआई को अनुराग की विसरा रिपोर्ट का इंतजार है जिसमें घटना से जुड़े तमाम अहम राज सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। सूत्रों की माने तो चंडीगढ़ स्थित एफएसएल ने एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट देने का आश्वासन ि1दया है।

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किसके इशारे पर नहीं जुटाए प्रमाण

सीबीआई यह भी आशंका जता रही है कि अनुराग के कमरे से तमाम संदिग्ध वस्तुएं किसी के इशारे पर हटाई गयी थी। दरअसल गेस्ट हाउस के बाहर जाने के दौरान अनुराग केवल अपनी पर्स लेकर गया था। इससे शक गहराया कि वह सिगरेट लेने के लिए बाहर निकला था। वहीं उसकी मौत होने के बाद पुलिस ने उसके कमरे में रखी वस्तुओं को सील नहीं किया जिससे तमाम अहम सुबूत नष्ट हो गये। इतने हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस द्वारा की गयी यह लापरवाही सीबीआई के गले नहीं उतर रही है। आशंका जताई जा रही है कि कोई राज छिपाने के लिए किसी बड़े अफसर के इशारे पर इन वस्तुओं को वहां से हटा दिया गया और उनकी फोटोग्राफी भी नहीं करायी गयी.

inextlive from Lucknow News Desk

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