इलेक्शन की डेट्स डिक्लेयर होने के पहले ही दिल्ली बीजेपी प्रेसिडेंट सतीश उपाघ्याय के ऊपर अटैक करते हुए आप लीडर अरविंद केजरीवाल ने उन पर सीरियस एलिगेशन लगाए थे. अरविंद ने सतीश पर बिजली कंपनियों के साथ बिजनेस करने और डिफेक्टिव बिजली मीटर कंपनी ओन करने के चार्ज लगाए थे. इस पर सतीश उपाध्याय ने इन एलिगेशन को गलत बताते हुए अरविंद की कंप्लेन इलेक्शन कमीशन से कर दी थी. इस कंप्लेन के बाद ईसी ने केजरीवाल को नोटिस भेजा था. अब फ्राइडे को आम आदमी ने कहा है कि वे बिना डॉक्युमेंट्री प्रूफस के कोई बात नहीं कर रहे थे और अब ये प्रूफ इलेक्शन कमीशन को हैण्ड आवर कर दिए गए हैं. देखना इंट्रस्टिंग होगा कि सतीश उपाध्याय इन आरोपों को गलत साबित करने के लिए क्या करते हैं.

ये हैं आरोप

1_आज चुनाव आयोग के नोटिस के लिए दिए जवाब में अरविंद केजरीवाल ने सतीश उपाध्याय पर लगाए उन आरोपों को फिर से रिपीट किया और कहा कि वे अपनी बात पर अड़े हैं.

2_अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली की बिजली कंपनियों का ऑडिट शुरू करवाया था. अब बीजेपी की सरकार के दौरान ये बिजली कंपनियां ऑडिट करने के लिए अपने बही-खाते नहीं दे रहीं. आखिर बीजेपी बिजली कंपनियों को इतनी मदद क्यों कर रही है.

3_उन्होंने कहा कुछ डॉक्युमेंटस सामने आए हैं जिनसे पता चलता है कि दिल्ली बीजेपी के प्रेसिडेंट सतीश उपाध्याय जी की 6 कंपनियां हैं. इनमें से एक कंपनी दिल्ली में बिजली की कंपनी के लिए मीटर लगाने और बदलने का काम करती रही है. बीजेपी के वाइस प्रेसिडेंट आशीष सूद इस कंपनी में डायरेक्टर रह चुके हैं. दिल्ली में सभी लोग इन मीटरों के डिफेक्टिव होने की शिकायत करते रहे हैं.

4_लोगों की शिकायत है कि मीटर तेज चलते हैं जिससे बढ़े हुए बिल आ रहे हैं. ये मीटर दिल्ली बीजेपी के प्रेसिडेंट की कंपनियां ने लगाए हैं.


हालाकि सतीश पहले इन एलिगेशन से डिनॉय कर चुके हैं. अपनी एक इलेक्शन रैली के दौरान अरविंद ने कांग्रेस और बीजेपी पर वोटर्स को ब्राइब करने का इल्जाम लगाते हुए कहा था कि लोग पैसे इनसे लेलें पर वोट आम आदमी पार्टी को ही दें. इस बारे में भी उन्हें इलेक्शन कमीशन से नोटिस मिला था जिसका जवाब देने के लिए कमीशन से उन्होंने टाइम मांगा और उन्होंने सेटर डे ईवनिंग तक का टाइम दिया है.

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