बुधवार को लॉन्च हुई थी 'किंभो' स्वदेशी मैसेजिंग ऐप, अगले ही दिन हुई गायब

कानपुर। योग गुरु बाबा रामदेव ने व्हाट्सऐप से मुकाबला करने के लिए एक स्वदेशी मैसेंजिग ऐप लॉन्च की है, जिसका नाम है 'किंभो'। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजरावाला ने बताया है कि संस्कृत भाषा से लिया गया ये शब्द अंग्रेजी के हैलो शब्द जैसा ही है। जिसका मतलब है 'कैसे हैं आप?'। किंभो की टैगलाइन है- 'अब भारत बोलेगा'! कम्युनीकेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में पतंजलि के खास प्रयास के तौर पर लॉन्च की गई 'किंभो' ऐप का लोगो बहुत हद तक व्हाट्सऐप से मिलता जुलता है। विदेशी मैसेजिंग ऐप्स से मुकाबला करने के लिए लॉन्च की गई इस स्वदेशी ऐप ने अपने फीचर्स से नहीं बल्कि कुछ और ही वजह से लोगों को चौंका दिया है। दरअसल बुधवार को लॉन्च होने के अगले ही दिन यह ऐप एंड्रॉयड और IOS ऐप स्टोर से गायब हो गई। बहुत सारे भारतीय यूजर्स जो इस ऐप को अपने स्मार्टफोन में इंस्टॉल करने को उत्सुक थे, वो परेशान है कि 'किंभो' ऐप आखिर गायब कहां हो गई।

 

ऑडियो वीडियो कॉलिंग समेत 'किंभो' ऐप में यूजर्स को मिलेंगे ये पॉपुलर फीचर्स

'किंभो' ऐप को लेकर साइबर मीडिया एक्सपर्ट फैजल कवोसा ने बताया है कि 'किंभो' ऐप में पॉपुलर मैसेंजिंग ऐप्स की तरह तमाम बेहतरीन फीचर्स मौजूद हैं। यूजर्स 'किंभो' द्वारा प्राइवेट और ग्रुप चैट के अलावा ऑडियो वीडियो कॉलिंग फीचर्स भी मौजूद हैं। यूजर्स इस ऐप द्वारा टेक्स्ट, फोटो, वीडियो, जिफ, लोकेशन, स्टीकर आदि दूसरे लोगों को भेज सकते हैं। हालांकि फैजल कवोसा ने यह भी कहा है कि सिर्फ स्वदेशी के नाम पर 'किंभो' ऐप के लिए बिग प्लेयर व्हाट्सऐप से मुकाबला करना आसाना बिल्कुल भी आसान नहीं होगा।

 

'किंभो' ऐप की खामियों को लेकर टि्वटर पर यूजर्स ने जमकर की खिंचाई

गूगल और ऐपल ऐप स्टोर से 'किंभो' के गायब होने के लेकर अभी तक पतंजलि की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है। हालांकि टि्वटर पर जिस तरह से एक्सपर्ट्स और आम लोगों ने 'किंभो' ऐप की धुलाई की है, उसे देखकर तो ऐसा लग रहा है कि ऐप में मौजूद खामियों को दूर करने के लिए ही ऐप को प्लेस्टोर से डिलीट किया गया है।

 

 

एक फ्रेंच सिक्योरिटी रिसर्चर इलियट एल्डर्सन ने ट्वीट करके कहा है कि 'किंभो' ऐप एक दूसरी फेमस मैसेंजिंग ऐप का कॉपी पेस्ट वर्जन है। इनके मुताबिक 'किंभो' के स्क्रीनशॉट और डिस्क्रिप्शन पेजेस तक सभी कुछ 'बोलोमैसेंजर डॉट कॉम' से पूरी तरह कॉपी किए गए लगते हैं।

 

 

टि्वटर पर एक अन्य टेकपर्सन अभिषेक सिंह ने भी अपनी ट्वीट में कहा है कि 'किंभो' ऐप की टेक टीम बेवकूफ है। तभी तो उसने सबकुछ BOLO ऐप से कॉपी कर लिया है। यहां तक कि ओटीपी भेजने का फॉरमेट भी 'बोलो' ऐप जैसा ही है।

 

फिलहाल तो 'किंभो' स्वदेशी मैसेंजिंग ऐप प्लेस्टोर से गायब है, लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि जब यह ऐप फिर से ऐप स्टोर पर उपलब्ध होगी, तो देशी यूजर्स का इसका यूज कर पाएंगे।

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