बिजली कंपनियों व पॉवर कारपोरेशन द्वारा जिस प्रकार से विद्युत नियामक आयोग में बिजली दरों में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव दिया है.

- बिजली दर बढ़ोत्तरी पर बड़ा खुलासा, 53 प्रतिशत की होगी वृद्धि

- उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री के सामने रखा मामला, आज होगी चर्चा

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LUCKNOW: बिजली कंपनियों व पॉवर कारपोरेशन द्वारा जिस प्रकार से विद्युत नियामक आयोग में बिजली दरों में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव दिया है, उससे साफ है कि घरेलू उपभोक्ताओं की कमर टूटना तय है. अगर किसी उपभोक्ता के यहां एक किलोवॉट लोड है और हर माह 100 यूनिट का खर्च आता है तो उसके बिजली बिल में 23 प्रतिशत का भार पड़ेगा. यही तस्वीर दो, तीन, चार और पांच किलोवॉट भार वाले उपभोक्ताओं के लिए भी है, मतलब उनके बिजली बिल की राशि भी बढ़ जाएगी. उधर, बीपीएल गरीब उपभोक्ता की बिजली दरों में लगभग 53 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होगी. एक तरफ पहले सौभाग्य योजना में गरीबों को फ्री में बिजली कनेक्शन दिया गया और अब उन्हें मात्र एक साल के अंदर ही लालटेन युग में ले जाने की बड़ी साजिश की गई है. उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं के साथ अन्याय किया जा रहा है.

वृद्धि एक नजर में

यूनिट-घरेलू बीपीएल एक किलोवॉट

वर्तमान रेट-100 यूनिट कुल खर्च-350 रु.

प्रस्तावित रेट-100 यूनिट कुल खर्च-535 रु.

बढ़ोत्तरी प्रतिशत-53

यूनिट- घरेलू 1 किलोवॉट

वर्तमान रेट-100 यूनिट कुल खर्च- 590 रु.

प्रस्तावित रेट-100 यूनिट कुल खर्च- 730 रु.

बढ़ोत्तरी प्रतिशत-23

यूनिट-दो किलोवॉट

वर्तमान रेट-200 यूनिट कुल खर्च-1205 रु.

प्रस्तावित रेट-100 यूनिट कुल खर्च-1455 रु.

बढ़ोत्तरी प्रतिशत-21

यूनिट-घरेलू 3 किलोवॉट

वर्तमान रेट-300 यूनिट कुल खर्च-1845 रु.

प्रस्तावित रेट-300 यूनिट कुल खर्च-2235 रु.

बढ़ोत्तरी प्रतिशत-22

यूनिट-घरेलू 4 किलोवाट
वर्तमान रेट- 400 यूनिट कुल खर्च- 2565 रु.

प्रस्तावित रेट- 400 यूनिट कुल खर्च-3045 रु.

बढ़ोत्तरी प्रतिशत-19

यूनिट-घरेलू 5 किलोवॉट

वर्तमान रेट-500 यूनिट कुल खर्च-3285 रु.

प्रस्तावित रेट-500 यूनिट कुल खर्च-3855 रु.

बढ़ोत्तरी प्रतिशत-16

उपभोक्ता परिषद ने की चर्चा
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने बिजली दर बढ़ोत्तरी के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत सहित प्रदेश के अनेकों समाजसेवी संगठनों के अध्यक्षों से चर्चा की. सभी ने एक स्वर में सरकार व बिजली कंपनियों के खिलाफ एक बड़ा जन आंदोलन खड़ा करने पर अपनी सहमति दी है. उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से फोन पर बात की और बिजली दर बढ़ोत्तरी के बारे में बताया. ऊर्जा मंत्री ने सोमवार को बैठक करने के लिए कहा है.

Posted By: Kushal Mishra