एक महीने में 11 एक्सीडेंट हो गये 108 एम्बुलेंस के

2019-05-23T06:01:08+05:30

वेडनसडे को उत्तरकाशी में 108 एम्बुलेंस खड़े ट्रक से टकरा गई

कैंप के अधीन आते ही एंबुलेंस होने लगी हादसों का शिकार

देहरादून,

उत्तरकाशी के बड़कोट में वेडनसडे को 108 एम्बुलेंस एक खड़े ट्रक से टकरा गई, जिससे एम्बुलेंस को भारी नुकसान हुआ है। 108 एम्बुलेंस सर्विस के कैंप द्वारा संचालन शुरू करने के बाद एक माह के भीतर नई एम्बुलेंस के एक्सीडेंट की 11 घटनाएं सामने आ चुकी हकं। ऐसे में एक बार फिर कैंप के संचालन पर सवाल खड़े हो गए हैं।

अप्रैल में शुरू हुआ था ट्रायल

राज्य की इमरजेंसी एम्बुलेंस सर्विस 108 का संचालन कैंप (कम्युनिटी एक्शन थ्रू मोटिवेशनल प्रोग्राम) संस्था कर रही है। एक मई से 139 लोकेशंस पर नई विंगर एम्बुलेंस संचालित हो रही हैं। इनमें से 50 लोकेशंस पर कैंप द्वारा नई एम्बुलेंस भेज गई हैं, जबकि 61 नई एम्बुलेंस जीवीके ईएमआरआई चला रही थी। हालांकि कैंप द्वारा अप्रैल में ही ट्रायल शुरू कर दिया गया था। बीते एक माह में नई एम्बुलेंस के 11 एक्सीडेंट के मामले सामने आ चुके हैं। ये सभी एक्सीडेंट कैंप कंपनी के तहत चल रही एंबुलेंस के हुए हैं। ट्रायल के दौरान ही कैंप की तीन एंबुलेंस एक्सीडेंट हो गई थी और अनट्रेंड ड्राइवर्स को एंबुलेंस सौंपने के आरोप लगाये गये थे। पहला एक्सीडेंट 21 अप्रैल को हुआ था, जब गदरपुर के समीप नई विंगर एम्बुलेंस का एक्सीडेंट हो गया। इस एक्सीडेंट में शीशा टूटने के साथ एंबुलेंस की एक साइड पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। दूसरा केस 24 अप्रैल को सामने आया, जब हल्द्वानी रामपुर रोड पर अनट्रेंड ड्राइवर ने एंबुलेंस दूसरी गाड़ी से टकरा दी। जिससे एम्बुलेंस की एक साइड क्षतिग्रस्त हो गई। तीसरा केस अब तक का सबसे बड़ा एक्सीडेंट बताया जा रहा है। जिसमें 25 अप्रैल को पनवानौला अल्मोड़ा के पास एक विंगर एम्बुलेंस खाई में गिर गई। इसके बाद मई में भी कई हादसे सामने आए हैं।

पूर्व कर्मियों का आरोप नहीं हो रही ट्रेंनिंग

108 सर्विस के पूर्व कर्मियों ने आरोप लगाया कि जिन एमटी और पायलट स्टाफ के हाथों में नई विंगर एम्बुलेंस को सौंपा गया है, उनको बिना ट्रेंड किए ही कैंप कंपनी द्वारा फील्ड में उतार दिया गया है। कंपनी द्वारा नए कर्मचारियों को 2-3 दिन की बेसिक जानकारी दी जा रही है, जबकि एम्बुलेंस सेवा 108 को रन कराने के लिए कर्मचारियों को कम से कम 45 दिनों की ट्रेनिंग दी जानी जरूरी है।

इन लोकेशंस पर हुए एक्सीडेंट

बेरीनाग जिला पिथौरागढ़

थल जिला पिथौरागढ़

रुद्रपुर जिला ऊधमसिंह नगर

बाजपुर जिला ऊधमसिंह नगर

बड़कोट जिला उत्तरकाशी

बागेश्वर जिला बागेश्वर

गदरपुर जिला ऊधमसिंह नगर

रायपुर जिला देहरादून

चम्बा जिला टिहरी

कपकोट जिला बागेश्वर

रायवाला जिला देहरादून

inextlive from Dehradun News Desk


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