देहरादून नाबालिग से सामूहिक दुष्‍कर्म मामले में 11 लोग गिरफ्तार

2018-09-18T02:58:25+05:30

- भाऊवाला स्थित जीआरडी स्कूल का मामला

- चार नाबालिग छात्रों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप

- मामला दबाने और छात्रा का गर्भपात कराने के प्रयास में स्कूल प्रबंधन के 5 लोग अरेस्ट

dehradun@inext.co.in
DEHRADUN: थाना सहसपुर इलाके के भाऊवाला में जीआरडी स्कूल की दसवीं की छात्रा के साथ दुष्कर्म मामले में चार आरोपी नाबालिग छात्रों व स्कूल डायरेक्टर, प्रिंसिपल, प्रशासनिक अधिकारी समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी नाबालिग छात्रों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष, जबकि बाकी पांच आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा.

14 अगस्त की है घटना

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक घटना बीते 14 अगस्त की है। भाऊवाला के बोर्डिंग स्कूल जीआरडी में दो सगी बहनें पढ़ती हैं। जिसमें से क्लास 10 में पढ़ने वाली छात्रा को चार छात्र कॉलेज के पीछे एक अन्य निर्माणाधीन कॉलेज के हॉल में ले गए और आरोप है कि उन्होंने उसने साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। छोटी बहन ने तबियत खराब होने पर बड़ी बहन को पूरा मामला बताया और फिर स्कूल की आया को जानकारी दी गई.

डरा, धमकाकर दबाया मामला

मामला कॉलेज प्रबंधन के संज्ञान में आने पर प्रिंसिपल जितेंद्र शर्मा, डायरेक्टर लता गुप्ता, प्रशासनिक अधिकारी दीपक, प्रशासनिक अधिकारी की पत्नी तन्नू, आया मंजू ने मामला दबाने के लिए छात्रा को डराया धमकाया। आरोप है कि गर्भपात कराने के लिए छात्रा को देहरादून के एक अस्पताल में ले गए। जहां पर दवा दिलवाकर छात्रा का गर्भपात कराने की कोशिश की गई। पीडि़ता की बहन ने जब स्कूल प्रबंधन का रवैया देखा तो पूरे मामले की जानकारी अपनी चाची को दी.

एसएसपी के आदेश पर केस दर्ज

मामला एसएसपी निवेदिता कुकरेती के संज्ञान में आने के बाद थाने को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए। सोमवार की शाम छात्रा के पिता थाना पहुंचे और तहरीर दी। स्कूल प्रबंधन पर डराकर मामले को दबाने व गर्भपात का प्रयास कराने की पुलिस जांच में भी पुष्टि हुई। जिसके बाद सभी आरोपी को हिरासत में लिया गया। देर शाम पुलिस ने आरोपी प्रिंसिपल जितेंद्र शर्मा, डायरेक्टर लता गुप्ता, प्रशासनिक अधिकारी दीपक, प्रशासनिक अधिकारी की पत्नी तन्नू, आया मंजू को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही आरोपी चार नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है। थाना प्रभारी नरेश राठौड़ के अनुसार सभी आरोपियों को मंगलवार को संबंधित न्यायालय में पेश किया जाएगा। हिरासत में लिए गए नाबालिग छात्रों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा.

बाल आयोग की टीम ने की पूछताछ

नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म मामले में स्कूल प्रबंधन की पोल खुद पीडि़त छात्रा ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम के सामने खोली। सोमवार को जब आयोग की टीम स्कूल पहुंची तो पीडि़ता से पूछताछ में में खुलासा हुआ कि स्कूल के प्रशासनिक अधिकारी दीपक और उनकी पत्‍‌नी ने गर्भपात के लिए बालिका को काढ़ा पिलाया। स्कूल डायरेक्टर गर्भपात कराने के लिए डॉक्टर के पास ले गए। लेकिन, इस बीच लड़की के पैरेंट्स को खबर लग गई और उसके पिता सहित ताऊ, चाचा- चाची यहां पहुंच गए और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। आयोग की टीम में सदस्य शारदा त्रिपाठी और सीमा डोरा भी शामिल थे.

आरोपी छात्रों को कर दिया शिफ्ट

बाल आयोग की टीम की पड़ताल में पता चला कि मामला दबाने के लिए स्कूल प्रबंधन द्वारा आरोपी छात्रों को राजपुर रोड स्थित हॉस्टल में शिफ्ट कर दिया। स्कूल में सुरक्षा के इंतजाम भी बदहाल मिले, स्कूल में सीसीटीवी कैमरे नहीं पाए गए.


आयोग की ओर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। पीडि़त छात्रा की पढ़ाई बाधित न हो, इस पर भी आयोग निर्णय लेगा.

- ऊषा नेगी, अध्यक्ष, बाल अधिकार संरक्षण आयोग

inextlive from Dehradun News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.