सात साल में 34 करोड़ खर्च फिर भी नहीं रूकी बिजली चोरी

2019-06-18T06:00:45+05:30

-शहर में बिजली चोरी को रोकने के लिए 1200 ट्रांसफॉर्मर पर लगाए गए हैं डीएलएमएस मीटर

-बिजली निगम के अफसरों पर लाइन लॉस कम करने का था दबाव

-2012-13 में लगाए गए थे मीटर, बने शो पीस

GORAKHPUR: शहर में लाइन लॉस को कम करने के लिए पावर कारपोरेशन का उपाय फेल हो गया है। सात साल पहले बड़े-बड़े दावों के साथ 34 करोड़ रुपए खर्च कर शहर के करीब 1200 ट्रांसफॉर्मरों पर डीएलएमएस मीटर लगाया गया था। ताकि कितने घरों में कनेक्शन है और कहां नहीं है उसका लेखा-जोखा पता चल सके। चोरी को रोका जा सके। लेकिन ये मीटर सात साल से ऐसे ही शो-पीस बनकर पड़े हैं।

लाइन लॉस से वेस्ट हो रही बिजली

शहर में पावर सप्लाई का बहुत बड़ा हिस्सा लाइन लॉस में वेस्ट हो रहा है। इससे निगम को करोड़ों के राजस्व का चूना भी लग रहा है। निगम ने इस लाइन लॉस पर काबू पाने के लिए वर्ष 2012 व 2013 में शहर के ट्रांसफार्मरों पर डीएलएमएस लगाने का काम किया। लगने के बाद तो सबकुछ ठीक रहा लेकिन धीरे-धीरे देख-रेख न होने से खराब हो गया। बिजली निगम के सूत्रों की मानें तो ज्यादातर ऐसे ट्रांसफॉर्मर हैं, जिनकी मरम्मत करने के बाद मीटर का कनेक्शन ही काट दिया गया या उसका केबिल लाइन से अलग कर दिया गया।

मीटर का लाभ

इस मीटर से सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि इससे संबंधित एरिया के कंज्यूमर और उनके बीच कंज्यूम होने वाली बिजली के फर्क का पता चल सकेगा। मानों 500 कंज्यूमर्स के बीच यदि 1000 किलोवॉट बिजली की खपत होनी चाहिए और उस एरिया में इससे अधिक बिजली कंज्यूम हो रही है तो यह रिकार्ड मीटर बताने का काम करेगा। इंजीनियर के मुताबिक, इस मीटर को पूरे शहर में लगाया गया है। अफसर अधिक लोड होने पर जाकर उसकी जांच करेंगे।

2019 में ट्रांसफार्मर की संख्या

10 केवीए ट्रांसफॉर्मर--01

25 केवीए ट्रांसफॉर्मर--114

63 केवीए ट्रांसफॉर्मर-101

100 केवीए टांसफॉर्मर--152

160 केवीए ट्रांसफॉर्मर-22

250 केवीए ट्रांसफॉर्मर-491

400 केवीए ट्रांसफॉर्मर-637

500 केवीए ट्रांसफॉर्मर-13

630 केवीए ट्रांसफॉर्मर-38

750 केवीए ट्रांसफॉर्मर--01

800 केवीए ट्रांसफॉर्मर-02

1000 केवीए ट्रांसफॉर्मर--09

कुल ट्रांसफॉर्मर -1581

चोरी

पिछले 75 दिनों में 500 बिजली चोरी के केस

वर्जन

शहर के सभी पुराने और नए ट्रांसफॉर्मर पर यह मीटर लगाए गए हैं। इसके जरिए ट्रंासफॉर्मर पर पड़ने वाले लोड का आसानी से पता चल सकेगा। ट्रांसफॉर्मर जलने और बिजली चोरी पर भी अंकुश लगा है। यदि ट्रांसफॉर्मरों के मीटर खराब हो गए हैं तो उसे चेक कराकर तत्काल बदलवाया जाएगा।

देवेंद्र कुमार सिंह, चीफ इंजीनियर

inextlive from Gorakhpur News Desk


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