अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के पूर्व कॉन्ट्रैक्टर एडवर्ड स्नोडेन की ओर से लीक किए गए दस्तावेज़ों से अमरीका द्वारा विश्व के 35 बड़े नेताओं के फ़ोन की जासूसी किए जाने के संकेत मिलते हैं.


ब्रितानी अख़बार 'द गार्डियन' में प्रकाशित दस्तावेज़ों से ये संकेत मिले हैं.इन ख़ुफ़िया दस्तावेज़ों के मुताबिक अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) ने अमरीकी सरकार के एक अन्य विभाग से दो सौ टेलीफ़ोन नंबरों की सूची मिलने के बाद जासूसी शुरू कर दी थी.अक्टूबर 2006 की तारीख़ वाले इन दस्तावेज़ों के मुताबिक एनएसए ने अमरीका के गृह मंत्रालय, व्हाइट हाउस और पेंटागन में तैनात अधिकारियों से विश्व के शीर्ष नेताओं के नंबर हासिल किए.सिर्फ़ एक ही अधिकारी ने दो सौ से अधिक नंबर उपलब्ध करवाए जिनमें से 35 विश्व के शीर्ष नेताओं के थे. हालाँकि इनमें से किसी नेता का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है.'जासूसी पर तनातनी'अमरीका पर जर्मनी की चांसलर अंगेला मैर्केल के फ़ोन की जासूसी के भी आरोप लगे हैं. मैर्केल ने अपने फ़ोन की जासूसी के मामले में राष्ट्रपति ओबामा से भी विरोध दर्ज कराया था.


एनएसए के पूर्व कर्मचारी स्नोडेन ने जून में अमरीका का ख़ुफ़िया कार्यक्रम उजागर किया. इसमें कहा गया था कि एनएसए और सीआईए एजेंसियां दुनियाभर में बड़े पैमाने पर जासूसी कर रही हैं.

इनमें चीन और रूस जैसे विरोधियों के अलावा सहयोगी यूरोपीय संघ और ब्राज़ील भी शामिल हैं. इसके बाद एनएसए ने क़बूल किया था कि उसने लाखों अमरीकियों के ईमेल और फ़ोन डेटा को हासिल किया था.स्नोडेन फिलहाल रूस में हैं जहां उन्हें शरण मांगने के बाद एक साल का वीज़ा दिया गया है. अमरीका उनके ख़िलाफ़ आपराधिक आरोपों में मुक़दमा चलाना चाहता है.

Posted By: Subhesh Sharma