घर के उत्तर दिशा का वास्तुदोष संतान पर डालता है बुरा प्रभाव जानें ऐसी ही 5 बातें

2018-09-07T12:27:28+05:30

घर के दक्षिण और पूरब के मध्य का कोणीय स्थान आग्नेय कोण कहलाता है। इस दिशा में अगर वास्तुदोष होता है तो उस घर की दूसरी संतान पर इसका नकारात्मक असर पड़ता है।

घर हो या आॅफिस वास्तु दोष होने पर उसका असर आपके भविष्य पर पड़ सकता है। वहीं इससे आपके करोबार पर भी असर पड़ता है। कई बार कड़ी मेहनत करने के बाद भी करोबार में वृद्धि नहीं होती है। इसका कारण वास्तुदोष भी हो सकता है। कहा जाता है कि उत्तर दिशा का वास्तुदोष आमदनी को कम करता है।

आइए जानते हैं​ इससे जुड़ी कुछ बातें—


1. जिस घर की पूरब और उत्तर दिशा में वास्तुदोष होता है, उस घर में मालिक सहित सभी पुरुष और संतान पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

2. घर के पश्चिम—दक्षिण कोण में वास्तुदोष है, तो उसका असर घर के मालिक, पत्नी और पहली संतान पर पड़ता है।

3. घर के दक्षिण और पूरब के मध्य का कोणीय स्थान आग्नेय कोण कहलाता है। इस दिशा में अगर वास्तुदोष होता है तो उस घर की दूसरी संतान पर इसका नकारात्मक असर पड़ता है।

4. घर के दक्षिण दिशा में वास्तुदोष का असर उस घर की मुख्य महिला पर पड़ता है।

5. घर के पूरब दिशा का वास्तुदोष का सीधा असर संतान की सेहत पर पड़ता है। वह अक्सर बीमार रहती है।

—ज्योतिषाचार्य पं गणेश प्रसाद मिश्र, शोध छात्र, ज्योतिष विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय

वास्तु टिप्स: अगर बेडरूम में है वॉश बेसिन तो खतरे में पड़ सकती है लव लाइफ

वास्तु टिप्स: सुबह उठते ही आईने में ना देखें चेहरा, खराब बीतेगा दिन, जानें ऐसी 6 बातें




This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.