टीबी के लिए होंगी 7 नई लैब

2019-03-17T06:00:25+05:30

लंबी दूरी होगी कम, टीबी जांच के लिए खुलेंगी नई लैब

7 नई लैब खोलने के लिए जगह की चिन्हित टीबी विभाग ने

अप्रैल से मिल सकेगी लोगों को सुविधा

20 किमी से अधिक दूरी तय करके टीबी जांच के लिए आने वाले मरीजों को मिलेगी राहत

2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का प्लान है सरकार का

5 लाख से अधिक लोगों को मिलेगी राहत

10 दिन की ट्रेनिंग में एलटी को बलगम जांच का परीक्षण करने के बारे में बताया जाएगा.

6 जिले लिंक होंगे मेडिकल कॉलेज में खुली सीडीएसटी लैब से

MEERUT। अब 20 किमी से अधिक की दूरी तय करके टीबी जांच के लिए आने वाले मरीजों को राहत की सांस मिलेगी। जिला टीबी विभाग ने आरएनटीसीपी यानी रिवाइज्ड नेशनल ट्यूबरोक्लोसिज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत 7 नई टीबी सैंपल जांच लैब खोलने की कवायद शुरु की है। सभी लैब अरबन पीएचसी क्षेत्रों में खुलेंगी। विभाग ने जगहें भी चिन्हित कर ली हैं। जिला टीबी अधिकारी डॉ। एम.एस फौजदार ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों पर लैब शुरु की जा रही है। एक अप्रैल तक इन्हें शुरु कर दिया जाएगा।

लोगों को मिलेगी राहत

डॉ। एमएस फौजदार के मुताबिक सरकार ने 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का बीड़ा उठाया है। ऐसे में शासन ने सभी पीएचआई यानी पेरिफेरल हेल्थ इंस्टीट्यूट्स में टीबी जांच लैब का होना अनिवार्य कर दिया है। विभाग को ऐसी 7 जगहें मिली हैं जहां लैब खोली जा सकती है। हालांकि, सभी जगह पहले से ही लैब बनी हुई हैं और यहां सिर्फ रेनोवेशन कर लैब इंक्यूपमेंट्स लगाने हैं। यहां लैब खुलने के बाद करीब 5 लाख लोगों को सहूलियत मिलेगी। अभी तक इन लोगों को अपने क्षेत्र से कई किमी दूर जाकर जांच करानी पड़ रही थी।

एलटी को मिलेगी ट्रेनिंग

अरबन पीएचसी पर लैब खोलने से पहले विभाग को सभी लैब टेक्निशियंस को ट्रेनिंग देने के निर्देश भी दिए गए हैं। 10 दिन की ट्रेनिंग में एलटी को बलगम जांच का परीक्षण करने के बारे में बताया जाएगा। डॉ। फौजदार ने बताया कि लैब खोलने के लिए विभाग को अतिरिक्त बजट नहीं मिला है। मेंटेंनेंस के लिए मिलने वाले बजट से ही इनको शुरु किया जाएगा।

इन जगहों पर खुलेगी लैब

जय भीम नगर

कुंडा

संजय नगर

अब्दुल्लापुर

नंगला भट्टू

कसेरू बक्सर

पल्हैड़ा

जल्द कल्चर जांच शुरु

मेडिकल कॉलेज में खुली सीडीएसटी लैब को जल्द ही 6 जिलों से लिंक किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने शासन को पत्र भी लिखा है। इन जिलों में मेरठ समेत सहारनपुर, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली व हापुड़ को शामिल करने की कवायद चल रही है। डॉ। फौजदार ने बताया कि लैब में अभी तक डमी सैंपल की ही जांच की जा रही है लेकिन जल्द ही टीबी के सैंपलों की कल्चर जांच भी यहीं से शुरु हो जाएगी। अभी यह सैंपल जांच के लिए आगरा भेजे जाते हैं।

inextlive from Meerut News Desk


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