आयुष्मान खुराना ने बताया फिल्म जगत में नाम कमाने का तरीका खुद इस तरह इंडस्ट्री में बनाई जगह

2018-06-24T11:33:00+05:30

वीजेसिंगर और एक्टर का टैग लेकर चलने वाले टैलेंटेड आयुषमान खुराना ने कुछ बेहतरीन फिल्मों के जरिए फिल्मों में अपनी एक अलग ही जगह बना ली है। आवाज और एक्टिंदोनों के लिए लिए ही तारीफ बटोरने वाले आयुष्मान फिल्मों में अपनी जगह से बहुत खुश हैं। एक रीसेंट इंटरव्यू में उन्होंने इस बारे में खुलकर बात की

इस फिल्म से मिली पहचान
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KANPUR : फिल्म 'विकी डोनर' में अपनी शानदार अदाकारी के लिए आयुष्मान ने खूब तारीफ बटोरी। इसके बाद उन्होंने 'दम लगा के हईशा' और 'शुभ मंगल सावधान' जैसी फिल्मों के जरिए भी ऑडियंस को जमकर इंप्रेस किया। सिर्फ छह सालों के करियर में ही आयुष्मान ने फिल्मी दुनिया में अपने लिए एक अच्छी जगह बना ली है और उनका कहना है कि इससे वह बहुत खुश भी हैं। वो कहते हैं, 'मैं बॉलीवुड में अपनी जगह से प्यार करने लगा हूं। कंटेंट-ड्रिवेन सिनेमा जिनमें एंटरटेनमेंट के साथ मेसेज भी है, के साथ जुडऩा अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि और खुशी की बात है। मेरे लिए मेरी जगह इसलिए भी और स्पेशल है क्योंकि एक एक्टर और सिंगर होने के नाते ये मुझे थोड़ा और भी डिफरेंट बनाता है।
कंवेंशनल हीरो न होने पर क्या बोले
जब आयुष्मान से पूछा गया कि वो एक कंवेंशनल हीरो न होने पर कैसा फील करते हैं तो उनका जवाब था, 'वक्त बदल गया है और ऑडियंस भी बदल गई है। कोई भी कैरेक्टर जो किसी भी फिल्की थीम का सेंट्रल प्वॉइंट होता है, वो फिल्म का हीरो होता है। अगर लोगों को कुछ अच्छा, नया और स्पाइसी देखने को मिलता है तो वो उससे इंस्टेंटली कनेक्ट करते हैं और उस एक्टर को पसंद करने लगते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि मेरे लिए कंवेंशनल इमेज उतनी जरूरी नहीं। बदला वक्त और बदली है ऑडि
ऐसे हुई थी शुरुआत
आयुष्मान फिल्मी दुनिया में अब तक आठ फिल्में कर चुके हैं जिनमें सभी ज्यादातर कंटेंट बेस्ड रही हैं और सब एक-दूसरे से डिफरेंट। पर वो कहते हैं कि ऐसा उन्होंने जान बूझकर नहीं किया। उनका कहना है, 'मैंने कुछ सोच समझकर नहीं किया। किसी भी चीज से ज्यादा मैं सिर्फ फिल्म की स्क्रिप्ट पर ध्यान देता हूं और उन स्क्रिप्ट्स को चुनता हूं जो सच में डिफरेंट और यूनीक हैं। मेरा आईडिया है एक अच्छी स्क्रिप्ट और मेरा कैरेक्टर, जिसके बेसिस पर मैं फिल्में साइन करता हूं। मैं बहुत खुश हूं कि मुझे इतने डिफरेंट कैरेक्टर्स प्ले करने के मौके मिल रहे हैं। कैरेक्टर्स का रियल होना जरूरी है क्योंकि तब हम उसमें अपने मन से भी कुछ और एड करके उसे ज्यादा रियलिस्टिक बना सकते हैं। तभी को लोग उससे रिलेट कर पाएंगे।'
होने वाला है कुछ 'थ्रिलिंग'
आयुष्मान जल्द ही फिल्म 'शूट द पियानो प्लेयर' और 'बधाई हो' जैसी फिल्मों में नजर आएंगे। शूट द पियानो एक थ्रिलर फिल्म है जिसे श्रीराम राघवन डायरेक्ट कर हे हैं और इसे आयुष्मान काफी चैलेंजिंग फिल्म मान रहे हैं। वहीं बधाई हो एक डिफरेंट सब्जेक्ट पर बन रही फिल्म है जिसके बारे में अभी कुछ रिवील नहीं किया गया है।
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