एक्शन मोड में प्रशासन डेयरी पर चलाया डंडा

2019-06-15T06:00:47+05:30

प्रशासन और डेयरी संचालक आए आमने-सामने

भारी पुलिस की मौजूदगी में हिंदी भवन से शिफ्ट हुई डेयरी

कुछ देर हंगामे के बाद बैकफुट पर आए डेयरी संचालक

MEERUT। शहर से डेयरियां बाहर शिफ्ट करने के मामले में नगर निगम प्रशासन और डेयरी संचालकों के बीच सहमति न बन पाने का खामियाजा शुक्रवार को डेयरी संचालकों को उठाना पड़ा। नगर निगम ने प्रशासन और पुलिस फोर्स की मदद से जली कोठी स्थित हिंदी भवन में सालों से संचालित डेयरी को बल पूर्वक खाली करा दिया। इस दौरान डेयरी संचालकों ने प्रशासन का पुरजोर विरोध करते हुए हंगामा किया, लेकिन भारी पुलिस बल के सामने डेयरी संचालकों को झुकना पड़ा और डेयरी के पशु शहर से बाहर भेज दिए गए।

मयफोर्स खाली कराई डेयरी

मंगलवार को डेयरी संचालकों और नगर निगम के आला अधिकारियों के बीच सोमवार से डेयरी खुद हटाने पर सहमति बन गई थी, लेकिन अगले ही दिन डेयरी संचालक अपनी बात से मुकर गए और डेयरी खाली करने का विरोध कर दिया। इस पर निगम ने शुक्रवार से बल पूर्वक डेयरी खाली कराने का अभियान शुरु कर दिया। इस क्रम में शुक्रवार को नगर निगम और प्रशासन ने पुलिस फोर्स के साथ जली कोठी स्थिति हिंदी भवन में अवैध रुप से संचालित डेयरियों के खिलाफ अभियान क शुरुआत कर दी। दोपहर के समय निगम की टीम मय फोर्स जली कोठी पहुंच गई और हिंदी भवन में अनिरुद्ध जैन की डेयरी को खाली कराने का आदेश दिया। आदेश के विरोध में डेयरी संचालक एकत्र होना शुरु हो गए और हंगामा कर दिया।

हंगामा के बाद माने संचालक

निगम के अभियान के विरोध में डेयरी संचालकों ने एकजुट होकर जमकर हंगामा शुरु किया। हंगामे की सूचना पर कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। इस दौरान डेयरी संचालकों ने अपर नगरायुक्त अमित सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार पाण्डेय, सीओ कोतवाली दिनेश कुमार शुक्ला से बातकर समय देने का दवाब बनाने का प्रयास किया, लेकिन कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए अपर नगरायुक्त ने इंकार कर दिया। इसके बाद निगम की गाडि़यों में जबरन पशुओं को लादकर बाहर ले जाने का प्रयास किया गया तो डेयरी संचालक बिफर गए और गाडि़यों के आगे जाम लगा दिया।

खुद निकाले अपने पशु

हंगामा बढ़ता देख निगम ने पैरा मिलिट्री फोर्स को मौके पर बुला लिया। फोर्स और पुलिस बल ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया। भारी पुलिस बल देख डेयरी संचालक बैक फुट पर आ गए और निगम प्रशासन के हाथ जोड़कर समय देने की मांग करने लगे, लेकिन आला अधिकारी नही मानें तो अपने पशु खुद अपने आप शहर से बाहर ले जाने की बात पर दोनो पक्षों के बीच सहमति बनी। इसके बाद निगम की और निजी गाडि़यों से डेयरी संचालक ने खुद अपने पशु बाहर भेजने शुरु कर दिए।

सवा सौ से अधिक पशु

दोपहर सवा दो बजे के करीब से निगम और डेयरी संचालकों में सहमति बनने के बाद पशुओं को शिफ्ट करने का काम शुरु किया गया। लेकिन डेयरी में बंधे सवा सौ से अधिक पशुओं को एक दिन में शिफ्ट करने में निगम के पसीने छूट गए। जैसे तैसे देर शाम तक आधे के करीब पशुओं को ही शहर से बाहर एक अस्थाई डेयरी में शिफ्ट किया गया।

नही पहुंचे व्यापारी और मंत्री

इस दौरान डेयरी संचालकों ने व्यापार संघ के पदाधिकारियों, मेरठ के पूर्व विधायक से फोन पर संपर्क कर मौके पर बुलाने का प्रयास किया। लेकिन कोई भी पदाधिकारी डेयरी संचालकों के लिए मौके पर नही पहुंचा।

30 जून तक चलेगा अभियान

हाईकोर्ट ने 30 जून तक निगम को शहर से सभी डेयरियों को बाहर निकालने का समय दिया है। इस क्रम में निगम पर दवाब है कि डेयरी खाली कराई जाएं। इसी क्रम में शुक्रवार से निगम ने अभियान की शुरुआत कर अपने इरादे साफ कर दिए कि अब डेयरी संचालकों की बात नहीं सुनी जाएगी और 30 जून तक रोजाना शहर में डेयरी हटाने का अभियान चलाया जाएगा।

कोर्ट का आदेश है कि 30 जून से पहले डेयरी खाली कराएं इस आदेश के अनुपालन में आज से अभियान शुरु किया गया। कुछ लोगों ने विरोध किया था लेकिन हमारे समझाने पर डेयरी संचालक ने स्वत ही अपनी डेयरी खाली कर दी।

- अमित कुमार, अपर नगरायुक्त

inextlive from Meerut News Desk


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