दलालों के माध्यम से सिर्फ 500 रुपये में बन रहा है दूसरे स्टेट का ड्राइविंग लाइसेंस

2019-04-13T10:52:52+05:30

PATNA : अगर आपको पटना में बैठे-बैठे देश के किसी भी राज्य का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है तो पटना डीटीओ ऑफिस के बाहर बन जाएगा। यहां सक्रिय दलाल मात्र 5 सौ रुपए में ऐसा कर रहे हैं। लेकिन यह लाइसेंस फर्जी होगा। वहीं, बिना डाक्यूमेंट के बिहार का परमानेंट लाइसेंस बनवाने के लिए आपको जेब ढीली करनी होगी। एक दलाल ने बातचीत के क्रम में बताया कि परमानेंट लाइसेंस के लिए 55 सौ रुपए खर्च करने होंगे। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट स्टिंग के ऑपरेशन में जो खुलासे हुए है उसे जानकर आप भी चौंक जाएंगे।

लर्निग के लिए लेते हैं 1500

अगर कोई व्यक्ति ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए डीटीओ ऑफिस पहुंचता है तो गेट पर ही दलाल कम पैसे में तत्काल लाइसेंस बनाने का झांसा देने लगते हैं। जो पूरी तरह से फर्जी होता है। इतना ही नहीं लर्निग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 1500 रुपए ऐंठते हैं। वहीं परमानेंट लाइसेंस के लिए 5500 सौ रुपए वसूलते हैं। जबकि लाइसेंस बनाने में 1500 रुपए भी खर्च नहीं होता है।

 

बिना डॉक्यूमेंट बन रहे लाइसेंस

लाइसेंस बनवाने के लिए जरूरी कागजात नहीं होने पर भी दलाल लौटने नहीं देते। इतना ही नहीं, 500 रुपए में झारखंड, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के फर्जी लाइसेंस 2 दिनों में बनवाने का दावा करते हैं। जबकि नियमानुसार दूसरे राज्य का लाइसेंस यहां बैठे-बैठे नहीं बन सकता है।

 

इस तरह हुआ खुलासा

लाइसेंस के नाम पर ठगी करने की शिकायत मिलने पर रिपोर्टर कॉमन मैन बनकर डीटीओ ऑफिस गया। वहां दलाल से पूछा कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए कितना खर्च आएगा। इस पर दलाल ने कहा कि कम पैसे में आपको ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर दे दूंगा। फिर रिपोर्टर ने पूछा कि मेरे पास आधार कार्ड नहीं है। क्या आप लाइसेंस बनवा दोगे। इस पर दलाल ने कहा कि कोई बात नहीं, बिना डॉक्यूमेंट के ही लाइसेंस बन जाएगा। मजे कि बात तो ये है कि यह सब हो रहा है पटना डीएम के आवास से महज 200 मीटर की दूरी पर। फिर भी दलालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है।


दलाल गोविंद और रिपोर्टर के बीच हुई बातचीत के अंश

रिपोर्टर - लाइसेंस कहां बनता है?

गोविंद - यहीं बनता है

रिपोर्टर - आप बनाते हैं क्या?

गोविंद - हम लोग ही बनाते है।

रिपोर्टर - आपके साथ और भी कोई है क्या?

गोविंद - अभी अकेले हूं।

रिपोर्टर - क्या प्रक्रिया है लाइसेंस बनाने का?

गोविंद - हाई स्कूल के अंकपत्र, ब्लड गु्रप और पैन कार्ड की छाया प्रति लगेगी।

रिपोर्टर - कितना पैसा लगेगा?

गोविंद - 1500 रुपए लगेगा।

रिपोर्टर - परमानेंट बनेगा?

गोविंद - नहीं लर्निग रहेगा।

रिपोर्टर - परमानेंट में कितना पैसा लगेगा?

गोविंद - 3500 अलग से देना होगा।

रिपोर्टर - कुछ कम नहीं होगा?

गोविंद - नहीं कम नहीं होगा।

रिपोर्टर - लाइन में तो नहीं लगना होगा।

गोविंद - नहीं, पांच मिनट के लिए आना होगा फोटो के लिए।

रिपोर्टर - उसके बाद?

गोविंद - फिर आने की जरुरत नहीं है।

 

दलाल रमेश और रिपोर्टर के बीच हुई बातचीत के अंश

रिपोर्टर - मुझे ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है।

रमेश - बन जाएगा।

रिपोर्टर - कितना पैसा लगेगा?

रमेश - ऑरिजनल चाहिए या काम चलाऊ।

रिपोर्टर - काम चलाऊ भी भी बनता है क्या?

रमेश - ज्यादा लोग काम चलाऊ ही बनवाते हैं।

रिपोर्टर- काम चलाऊ बनाने में कितना पैसा लगेगा?

रमेश- 500 रुपए लगेगा।

रिपोर्टर - पटना का ही रहेगा ना?

रमेश - नहीं झारखंड या यूपी का रहेगा?

रिपोर्टर - कोई सेटिंग है क्या वहां पर?

रमेश - सेटिंग ही समझिए।

inextlive from Patna News Desk


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