अखिलेश लेंगे गठबंधन पर अंतिम फैसला बैलट से चुनाव कराने के लिए आयोग से अनुरोध करेगी पार्टी

2018-07-29T01:11:05+05:30

तीन राज्यों और लोकसभा चुनाव में दूसरे दलों से गठबंधन की बातचीत और इस बारे में अंतिम फैसला समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ही लेंगे।

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LUCKNOW : तीन राज्यों और लोकसभा चुनाव में दूसरे दलों से गठबंधन की बातचीत और इस बारे में अंतिम फैसला समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ही लेंगे। पार्टी मुख्यालय में शनिवार को हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उन्हें इसके लिए अधिकृत किया गया। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने की। मुलायम सिंह यादव बैठक में नहीं शामिल थे। प्रमुख महासचिव राम गोपाल यादव ने बाद में पत्रकारों से बताया कि बैठक में लोकसभा चुनाव और अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव में दूसरे दलों से गठबंधन के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अधिकृत किया गया है।
वार्ता और सीट बंटवारे पर करेंगे निर्णय
वह ही फैसला करेंगे कि पार्टी कितनी सीटों पर लड़ेगी। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनाव में दूसरे दलों से बातचीत और सीटों के बंटवारे पर भी वही निर्णय करेंगे। उनका फैसला पार्टी का फैसला होगा। उन्होंने बताया कि कार्यकारिणी की बैठक में तय हुआ है कि आगामी चुनाव बैलट पेपर से कराए जाने की मांग को लेकर पार्टी चुनाव आयोग से अनुरोध करेगी। एक अन्य प्रस्ताव के जरिये तीन लोकसभा और एक विधानसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी और सहयोगी दलों की जीत के लिए मतदाताओं का धन्यवाद जताया गया। कार्यकारिणी ने अंत में प्रख्यात कवि गोपाल दास नीरज, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व सांसद रामजीलाल सुमन की पत्नी तथा राष्ट्रीय सचिव राजीव राय के पिता के असामयिक निधन पर श्रद्घांजलि दी।

बैलट से चुनाव न हुआ तो आंदोलन

राम गोपाल ने बताया कि यह निर्णय भी किया गया है कि यदि चुनाव आयोग ने ईवीएम की जगह बैलट पेपर से चुनाव कराने की बात न मानी तो दूसरे दलों से बातचीत कर आंदोलन किया जा सकता है। यह पूछे जाने पर कि आंदोलन का स्वरूप क्या होगा, उन्होंने कहा कि हम आयोग के दरवाजे पर बैठ जाएंगे। यदि आयोग ने मांग नहीं मानी के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम गोली तो मार नहीं सकते, गांधीवादी लोग हैैं, उन्हीं की तर्ज पर विरोध जताएंगे। बैठक में राज्यसभा सदस्य जया बच्चन, संजय सेठ, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरनमय नंदा, महासचिव विशम्भर प्रसाद निषाद, बलराम यादव, इन्द्रजीत सरोज, रमाशंकर विद्यार्थी, अवधेश प्रसाद, समेत प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल व फ्रंटल संगठनों के अध्यक्ष मौजूद रहे।
समय आने दीजिए, पीएम रोज आएंगे
एक सवाल कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश में कई बार आ चुके, प्रो। राम गोपाल ने तंज किया कि समय आने दीजिए, अभी वह रोज ही दौरे पर आएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के  सवाल पर कि गठबंधन का नेता कौन होगा, उनका कहना था कि गठबंधन से दलों का अस्तित्व खत्म नहीं हो जाता। उनके नेता बने रहते हैैं। केंद्र में 17 दलों की सरकार है तो क्या सबके नेता नरेंद्र मोदी हैैं।
शिवपाल को नहीं बुलाया, आजम नहीं आए
एक सवाल पर राम गोपाल ने बताया कि बैठक में शिवपाल सिंह यादव को नहीं बुलाया गया था। वरिष्ठ नेता आजम खां की गैरहाजिरी पर उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं कि सभी लोग बैठक में मौजूद हों। 90 प्रतिशत सदस्य आए, पार्टी अध्यक्ष मौजूद रहे, इतना काफी है।

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