आरटीओ की वेबसाइट बना फर्जीवाड़ा मची हड़कंप

2019-01-20T06:01:00+05:30

- ऑनलाइन लाइसेंस आवेदन करने के पहले जांचे आरटीओ की वेबसाइट

- आरटीओ से मिलती- जुलती वेबसाइट बनाकर कर रहे फर्जीवाड़ा

- डीएल का ऑनलाइन आवेदन करते समय बरतें सावधानी

GORAKHPUR: आरटीओ डिपार्टमेंट में लाइसेंस, रिन्यूअल सहित लगभग 24 सेवाएं ऑनलाइन होने के बाद पब्लिक को राहत तो जरूर मिली है। लेकिन ऑन लाइन आरटीओ की सेवा लेने वाले लोग अब सावधान हो जाएं। क्यूकि आरटीओ से मिलती- जुलती फर्जी वेबसाइट बनाकर बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा है। जिस वेबसाइट पर डीएल सहित कई मद में आवेदन करा पब्लिक को मुर्ख बनाकर फीस जमा करा आरटीओ की जेब पर कुछ लोग डाका डाल रहे हैं। वहीं पब्लिक को भी धोखा दिया जा रहा है। प्रदेश में फर्जीवाड़े के कुछ मामले आने के बाद मुख्यालय से संभागीय परिवहन अधिकारी संजय नाथ झा ने यूपी के सभी आरटीओ कार्यालय को अलर्ट का लेटर जारी किया है। जिसके आने के बाद आरटीओ ऑफिस गोरखपुर में भी हड़कंप मची हुई है। वहीं जिनको इस बात की जानकारी हुई है वे ये सोचकर परेशान हैं कि उन्होंने जिस वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर फीस जमा की है कहीं वो फर्जी तो नहीं है।

फर्जी वेबसाइट पर पनप रहा धंधा

शासन की लाख सख्ती के बाद भी फर्जीवाड़ा करने वालों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। ऐसे लोग शासन की सख्ती के बाद भी अपने करतुतों से बाज नहीं आ रहे हैं। इन लोगों के मंसूबे इतने मजबूत हैं कि उन्होंने आरटीओ की ही फर्जी वेबसाइट बना ढाली। उन्हें मालूम है कि हर दिन लगभग एक जिले की बात की जाए तो लगभग हजारों लोग कई तरह के आरटीओ के काम ऑनलाइन ही कर रहे हैं। जिसका फायदा उठाने के लिए आरटीओ से ही मिलती- जुलती वेबसाइट बनाई और उससे लोगों को ठगना शुरू किया। लेकिन अभी कुछ ही जगहों पर ऐसी शिकायत आई थी कि इसे रोकने के लिए संभागिय परिवहन विभाग अलर्ट हो गया। मुख्यालय से प्रदेश के सभी आरटीओ को लेटर भेज दिया गया है कि ताकि ऐसे फर्जीवाड़े को रोका जा सके.

इस वेबसाइट से फर्जीवाड़ा

मुख्यालय से आए लेटर में दर्शाया गया है कि आरटीओ की फर्जी वेबसाइट www.rtoonline.com बनाकर कुछ लोग पब्लिक को गुमराह कर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर पब्लिक ड्राइविंग लाइसेंस व वाहन पंजीयन से संबंधित सेवाओं का ऑनलाइन आवेदन कर फीस जमा कर रहे हैं। जबकि आरटीओ की ओरिजनल वेबसाइट https://parivahan.gov.in/parivahan/ है। जो सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित की जाती है।

24 सेवाएं ऑनलाइन

वाहन फिटनेस और कॉमर्शियल गाडि़यों का रजिस्ट्रेशन छोड़ कर बाकी 24 सेवाएं आरटीओ में ऑनलाइन कर दी गई हैं। जिससे पब्लिक को परेशानी न हो। इससे पहले तमाम सेवाओं के लिए आरटीओ में लम्बी- लम्बी लाइनें लगा करती थी। वहीं दलालों का भी बोलबाला रहता था। जिसको कम करने के लिए शासन ने ज्यादातर सेवाएं ऑनलाइन कर दी थीं.

वर्जन

शासन से शनिवार को लेटर आया है। जिसके बाद हमलोगों को इस बात बात की जानकारी मिली है। इसको लेकर हमलोग अलर्ट हैं.

श्याल लाल, आरटीओ

inextlive from Gorakhpur News Desk


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