रजिस्ट्रार हितेश लव की सेवाएं समाप्त

2018-06-18T06:00:10+05:30

एक्शन के बाद बोले रजिस्ट्रार भ्रष्टाचार रोकने का मिला है इनाम

ALLAHABAD: इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने प्रोबेशन पीरियड में चल रहे रजिस्ट्रार कर्नल हितेश लव की सेवाएं रविवार की मीटिंग में समाप्त कर दी। उनसे काम पहले ही वापस ले लिया गया था। विवि के इस एक्शन के बाद रजिस्ट्रार रिटायर्ड कर्नल हितेश लव ने कहा कि उन्हें भ्रष्टाचार पर रोक लगाने का इनाम मिला है। कार्रवाई के बाद उन्होंने संबंधित मंत्रालय और पीएम मोदी के सुशासन पर भी तंज कसा। जानकारी के मुताबिक बैठक में शामिल तीन सदस्यों ने कार्रवाई का विरोध किया.

शुरू से नहीं चाहते थे ज्वाईन कराना

गौरतलब है कि इविवि में पिछले कई वर्ष तक शिक्षकों ने ही रजिस्ट्रार का दायित्व संभाला। विवि ने 2017 में रजिस्ट्रार के पद पर आवेदन मांगे। मेरिट में पहले दो अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रार के पद पर ज्वाइन नहीं किया। सूची में कर्नल हितेश लव का तीसरा स्थान था। उन्होंने 17 अक्टूबर 2017 को विवि में बमुश्किल ज्वाइन किया। हालांकि विवि ने उन्हें रजिस्ट्रार के पद का कार्यभार नहीं सौंपा। तर्क था कि कार्य परिषद की बैठक के बाद कार्यभार सौंपा जाएगा। कई बार अखबारों में रिपोर्ट छपने के बाद कर्नल हितेश लव को 30 अक्टूबर 2017 को विवि कार्यपरिषद की बैठक के बाद रजिस्ट्रार के पद का चार्ज दिया गया.

रिव्यू कमेटी की रिपोर्ट रखी गई

पिछले कुछ समय से रजिस्ट्रार पर शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बेवजह काम को डिले करने, काम रोकने, कुलपति के आदेश की अवहेलना करने, कार्य परिषद की बैठक बुलाने में देरी करने, कुलपति से एजेंडा पूछने आदि जैसे तमाम आरोप लगाए। इसे लेकर जस्टिस आरआरके त्रिवेदी की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया गया। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर रविवार को कार्य परिषद ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। कार्य परिषद में रजिस्ट्रार के कामकाज की समीक्षा के लिए बनाई गई रिव्यू कमेटी की रिपोर्ट भी रखी गई।

ईमानदार के लिए कोई जगह नहीं

कार्रवाई के बाद रिटायर्ड कर्नल हितेश लव ने कहा कि अब वे इस एक्शन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि इविवि में ईमानदार व्यक्ति के लिए कोई जगह नहीं है। कुलपति ने जो रिव्यू कमेटी बनाई, उसने न उन्हें बुलाया और न सुना। मंत्रालय तक लड़ाई लड़ने की कोशिश की। लेकिन मंत्रालय ने भी कोई सुनवाई नहीं की। उन्हें कतई उम्मीद नहीं थी कि 35 साल भारतीय सेना में नौकरी करने के बाद उनके साथ ऐसा सलूक होगा। अब उनका मन किसी भी प्रकार की लड़ाई का नहीं है। सेना में सेवा बाकी थी, लेकिन बहुत कुछ सोचकर इविवि आए थे.

inextlive from Allahabad News Desk


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