यूपी में 15 साल के चुनावों का एनालिसिस हर पार्टी के फेवरेट हैं दागी और करोड़पति नेता

2019-03-02T09:53:55+05:30

यूपी इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म ने यूपी में पिछले 15 साल के संसदीय और विधानसभा चुनावों का एनालिसिस किया है जिसमें यह चाैकाने वाले शर्मनाक तथ्य उभर कर सामने आए हैं।

- एडीआर ने बीते 15 साल के चुनावों का किया एनालिसिस
- यूपी के 5 बड़े नेताओं की संपत्ति दस साल में 500 गुना बढ़ी
- लोगों का मुद्दा रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था

lucknow@inext.co.in
LUCKNOW: दागी और करोड़पति नेता हर दल की पहली पसंद हैं। यूपी इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म ने यूपी में पिछले 15 साल के संसदीय और विधानसभा चुनावों का एनालिसिस किया है जिसमें यह शर्मनाक तथ्य उभर कर सामने आया है। एनालिसिस में वर्ष 2004 से अब तक सांसद और विधायक का चुनाव लडऩे वाले 19,971 उम्मीदवारों और चुनाव जीतने वाले 1443 जनप्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। इसमें सामने आया कि हर चुनाव में आपराधिक छवि वाले जनप्रतिनिधियों के साथ करोड़पतियों का ग्राफ बढ़ा है। साथ ही उनकी संपत्ति में 70 फीसद से ज्यादा इजाफा हुआ है। वर्ष 2007 में जनप्रतिनिधियों की औसत संपत्ति एक करोड़ रुपये थी जो दस साल में बढ़कर छह करोड़ हो गयी। एडीआर के पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि आखिर इन नेताओं की संपत्ति पर आयकर विभाग की नजर क्यों नहीं जाती है।
भाजपा जनप्रतिनिधियों की संख्या ज्यादा
गंभीर आपराधिक मामले घोषित करने वालों में पहले नंबर पर भाजपा के जनप्रतिनिधि हैं। वर्ष 2004 से बीजेपी के 486 में से 124 (25 फीसद) जनप्रतिनिधियों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए जबकि सपा के 430 में से 92 (21 फीसद), बसपा के 354 में सेे 68 (19 फीसद) तथा कांग्रेस के 89 में से 17 (19 फीसद) ने यह घोषणा की है। वहीं आपराधिक मामलों में सपा 42 फीसद के साथ सबसे आगे है। इसके बाद बीजेपी 37 फीसद, कांग्रेस 35 फीसद और बसपा 34 फीसद हैं। इसके अलाव चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों में सपा प्रत्याशियों के खिलाफ सर्वाधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज है। वहीं वर्ष 2004 से किए गये एनालिसिस में बीस फीसद उम्मीदवार करोड़पति पाए गये जबकि चुने गये करोड़पति जनप्रतिनिधि 60 फीसद हैं।
करोड़पति नेता
पार्टी        उम्मीदवार             सांसद एवं विधायक
बीजेपी      686 (52 फीसद)     356 (73 फीसद)
कांग्रेस      438 (42 फीसद)     52 (58 फीसद)
सपा         707 (55 फीसद)    248 (58 फीसद)
बसपा       827 (59 फीसद)    152 (43 फीसद)
महिला प्रतिनिधित्व
- 1484 कुल उम्मीदवार (7 फीसद)
- 131 जनप्रतिनिधि (9 फीसद)
क्रिमिनल बैकग्राउंड
- 19971 उम्मीदवारों में से 3432 (17 फीसद) ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए
- 2047 (दस फीसद) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए
- 546 (38 फीसद) सांसद और विधायकों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए
- 328 (23 फीसद) सांसद और विधायकों ने अपने ऊपर गंभी आपराधिक मामले घोषित किए
दोबारा चुने गये सांसदों की 510 फीसद बढ़ी संपत्ति (करोड़ में)
नाम                       पार्टी       2004      2009      2014     कुल वृद्धि
मेनका गांधी               बीजेपी            6.67       18.28      37.41     460 फीसद
मुलायम सिंह यादव         सपा            1.15        2.23      15.96     1283 फीसद
राहुल गांधी                कांग्रेस             0.55       2.32       9.40      1597 फीसद
सोनिया गांधी              कांग्रेस             0.85       1.37       9.28      984 फीसद

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