9 वर्षीय दुष्‍कर्म पीड़िता के अभिभावक बनेंगे आंध्र के CM जब तक हास‍िल नहीं कर लेगी लक्ष्‍य तब तक उठाएंगे पूरा खर्च

2018-05-06T12:26:34+05:30

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू इन द‍िनों काफी चर्चा में बने हैं। हाल ही में उन्‍होंने अस्‍पताल में भर्ती एक नाबाल‍िग दुष्‍कर्म पीड़‍िता के अभ‍िवावक बनने का ऐलान क‍िया हैं। वहीं उसके पर‍िजनों की भी मदद करने को कहा है। इतना ही नहीं उन्‍होंने वकीलों से भी अनुरोध किया कि है क‍ि वे दोषि‍यों को बचाने की बजाय कड़ी से कड़ी सजा द‍िलाएं

गुंटुर में सबसे अच्छे स्कूल की पहचान करने को भी कह द‍िया
अमरावती (आईएएनएस)। हाल ही में आंध्र प्रदेश में एक 9 साल की बच्‍ची के साथ दुष्‍कर्म का मामला सामने आया है। मासूम पीड़‍िता का गुंटुर शहर के एक सरकारी अस्‍पताल में उपचार हो रहा है। ऐसे में कल आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पीड़ि‍ता का हाल जानने के ल‍िए गए। इस दौरान उन्‍होंने कहा क‍ि पीड़िता के माता-पिता अपनी बच्‍ची के प्रति‍ जिम्मेदारी निभाते रहें लेक‍िन वह उसके अभ‍िवावक बनेंगे। इतना ही नहीं वह उसकी पढा़ई का पूरा खर्च तब तक उठाएंगे जब वह अपने जीवन का लक्ष्‍य नहीं हास‍िल कर लेती है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने यह भी स्‍पष्‍ट कर द‍िया क‍ि वह उसकी पढाई पर अपना न‍िजी पैसा खर्च करेंगे। उन्‍होंने कहा क‍ि मैंने जिलाधिकारी से गुंटुर में सबसे अच्छे स्कूल की पहचान करने को भी कह द‍िया है।
वहीं सीएम ने पीड़‍िता के पर‍िवार के ल‍िए क‍िए ये बड़े ऐलान
वहीं राज्‍य सरकार की ओर से पीड़िता के परिवार को मुआवजा में पहले ही 5 लाख देने की घोषणा की जा चुकी है। मुख्‍यमंत्री नायडू ने शनिवार को घोषणा की कि लड़की के नाम पर 5 लाख रुपये फिक्सड डिपॉजिट क‍िया जाएगा। इसके अलावा रेप पीड़िता के परिवार को 2 एकड़ की जमीन देने के साथ ही उसके पिता को नौकरी और घर दिया जाएगा। इसके अलावा मुख्‍यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों की ओर से आरोपी को सार्वजनिक तौर पर फांसी दिए जाने की मांग को बेहद कठ‍िन बताया। उन्‍होंने कहा क‍ि सरकार के ल‍िए इस तरह के अपराध को डील करना बेहद मुश्किल होता है। इसके साथ ही उन्‍होंने कहा क‍ि ऐसे लोगों को राज्य में रहने की कोई जगह नहीं है। एक इंसान को इंसान की तरह ही यहां रहना होगा जंगली की तरह रहना संभव नही है।  
आरोपी ने घटना के बाद गांव में ही सुसाइड कर लि‍या था
मुख्‍यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा क‍ि दुष्‍कर्म से संबंधित मामलों की जल्द सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट बनाए जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने वकीलों से भी अपील की है क‍ि वे ऐसे दोषियों को बचाने की ब‍िल्‍कुल कोशिश न करें। वकील भी समाज का हिस्सा हैं। उनके भी बच्चे हैं। इसके साथ ही उन्‍होंने सोमवार को राज्य भर में होने वाली 'हम बेटियों को बचाने दें' की रैलियों में ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों से शाम‍िल होने का अनुरोध क‍िया है। बतादें क‍ि बीते बुधवार गुंटुर जिले में डेचापल्ली में एक 9 साल की बच्‍ची के साथ 50 साल के एक रिक्शाचालक ने दुष्‍कर्म क‍िया था। र‍िक्‍शाचलक ने उसे ब‍िस्‍क‍िट का लालच देकर बुलाया था। ऐसे में इस घटना के सामने आने के बाद लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर द‍िया। इसके बाद आरोपी ने गांव में ही सुसाइड कर लि‍या था।

सुबह 3:30 बजे जब आप सो रहे होंगे तब जस्टिस कथावाला कर रहे थे सुनवाई, जानें क्‍यों इतनी देर अदालत लगाई

AMU व‍िवाद पर अब पहलवान योगेश्वर दत्त ने क‍िया ट्वीट कहा 'शर्मनाक', अलीगढ़ में बंद हुई इंटरनेट सेवाएं


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.