किसी की मजाल नहीं थी इमरान के फैसले के खिलाफ बोलने की

2018-07-28T06:00:05+05:30

- 1989 में श्रीलंका के खिलाफ केडी सिंह बाबू स्टेडियम पर खेला था मैच

- इमरान के प्रधानमंत्री बनने से सभी को भारत-पाक संबंध सुधरने की उम्मीदें

LUCKNOW: किसी की मजाल नहीं थी कि इमरान के फैसले के खिलाफ कुछ बोल सकेजब वह ड्रेसिंग रूम में होते तो बिल्कुल सन्नाटा छा जातापाकिस्तान क्रिकेट टीम को मजबूत करने का श्रेय उन्हें ही जाता है। केडी सिंह बाबू स्टेडियम पर उनकी बल्लेबाजी देखने के लिए भारी भीड़ जुटी थी। वे नवाबी शहर की खूबसूरती के कायल हैं। जब वे यहां आए थे तो उन्होंने यहां के सभी टूरिस्ट स्पॉट अपनी टीम के साथ देखे थे। उनके पाकिस्तान का पीएम बनने से भारत-पाक संबंध बेहतर होने की उम्मीद है।

बेहद शांत दिखे थे इमरान

पाकिस्तान टीम का मुझे लोकल मैनेजर बनाया गया था। 1989 में मैंने ही उन्हें और उनकी टीम को यहां की ऐतिहासिक इमारतों की सैर कराई थी। सैर करते समय इमरान खामोश ही दिखाई दिए, जबकि मैदान में उनका स्वभाव आक्रामक रहता था। जब वे ड्रेसिंग रूम में होते थे तो खिलाड़ी आपस में बात भी नहीं करते थे। सारे डिसीजन उनके ही रहते थे। सबको साथ लेकर चलना उनकी खूबी है। हालांकि पाकिस्तान में जो हालात हैं, ऐसे में उनका यह नया सफर आसान नहीं होगा।

अशोक बाम्बी

पूर्व रणजी खिलाड़ी

(1989 में लखनऊ आई पाकिस्तानी टीम के लोकल मैनेजर)

तानाशाह वाला रवैया

यहां पर मैच के दौरान वह बेहद एग्रेसिव दिखे। उनका रवैया तानाशाह वाला रहता था। उनके स्वभाव के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है। मैदान के बाहर भी वह लोगों से कम बात करते थे। लखनऊ की ऐतिहासिक इमारतों को उन्होंने बहुत ध्यान से देखा था। रही बात भारत-पाक संबंधों की तो पाकिस्तान की सत्ता आर्मी के इशारों पर चलती है। ऐसे में संबंध सुधरने की उम्मीद नहीं है। यह उन पर निर्भर करेगा कि रिश्ते सुधारने के लिए वे कैसे कदम उठाते हैं।

विक्रम कौल, सचिव

जवाहर लाल नेहरू ट्रस्ट

(इस ट्रस्ट की देखरेख में 1989 में मैचों के आयोजन किए गए थे)

नेतृत्व की अच्छी क्षमता

मैंने पाकिस्तान में मैच खेला और इंडिया में भी इमरान की टीम के खिलाफ खेला लेकिन उनके बारे में कुछ कहना मुश्किल है। वह बेहद आक्रामक क्रिकेटर रहे हैं। उनके स्वभाव में लचीलापन नहीं है। उनमें लीडरशिप की क्षमता है। आज पाकिस्तान के संबंध चाइना को छोड़ कर किसी से नहीं हैं। वहां बेरोजगारी है और आतंकी कैंप चलाए जा रहे हैं। ऐसे में इमरान खान को सत्ता में आने के बाद पड़ोसी देशों से संबंध सुधारने होंगे। पाकिस्तान पर आतंकवाद फैलाने का ठप्पा हटाने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी होगी।

चेतन चौहान, खेल मंत्री

उत्तर प्रदेश सरकार

inextlive from Lucknow News Desk


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