पेटेंट की जंग सैमसंग पर एपल भारी

2013-08-11T02:00:00+05:30

कई साल से एपल और सैमसंग के बीच बाज़ार पर आधिपत्य जमाने के लिए मुक़ाबला चल रहा है

उत्पादों की नकल और पेटेंट अधिकारों के हनन के एक मामले में एपल ने अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनी सैमसंग को पछाड़ दिया है.
इसके बाद  सैमसंग के उन उत्पादों पर अमरीका में प्रतिबंध लगाया जा सकता है जो इस फै़सले के दायरे में आते हैं. हालांकि अभी अमरीकी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार आयोग (यूएस आईटीसी) के फ़ैसले की राष्ट्रपति बराक ओबामा को समीक्षा करनी है.

आयोग ने पेंटेट से जुड़े एक मामले में  एपल के पक्ष में फ़ैसला सुनाया है. यूएस आईटीसी ने 2011 के उस फैसले को सही ठहराया, जिसमें यह कहा गया था कि सैमसंग ने  मोबाइल फोन, मीडिया प्लेयर और टैबलेट के निर्माण में एपल के पेटेंट अधिकार का उल्लंघन किया.
राष्ट्रपति ओबामा को 60 दिन में इस फ़ैसले का आंकलन करना है. हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि ओबामा आयोग के फैसले के उलट कोई निर्णय देंगे इसकी संभावना बेहद कम है.
दो पेंटेंट
दूसरी ओर सैमसंग ने कहा है, ''हमें इस बात से निराशा हुई है कि आईटीसी ने  एपल के दो पेटेंटों के आधार पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है.  स्मार्टफ़ोन उद्योग का मुख्य जोर अदालतों में लड़ाई लड़ना नहीं बल्कि बाजार में स्वस्थ प्रतियोगिता को बढ़ावा देना है.”
एपल ने फ़ैसले का स्वागत किया. कंपनी ने कहा, ''आज के फ़ैसले में आईटीसी ने  एपल उत्पादों की सीधे तौर पर नक़ल करने पर सैमसंग के ख़िलाफ़ अपना फ़ैसला सुनाया है.''
यह फ़ैसला दो पेटेंटों पर आधारित है. पहला पेटेंट ‘स्टीव जॉब्स पेटेंट’ है, जिसका नाम कंपनी के संस्थापक के नाम पर रखा गया है. यह पेटेंट टच स्क्रीन तकनीक से जुड़ा है जबकि दूसरा कंपनी के उत्पादों में लगे ऑडियो सॉकेट से जुड़ा है.
बौद्धिक संपदा अधिकार के विश्लेषक फ्लोरियन म्यूलर ने बीबीसी से कहा, ''यह एपल के लिए अहम जीत है क्योंकि मशहूर स्टीव जॉब्स पेटेंट ही कंपनी का आधारभूत पेटेंट है.''
जारी है लड़ाई
करीब 10 देशों में कई साल से  एपल और  सैमसंग के बीच पेटेंट को लेकर जंग चल रही है. यह लड़ाई तब और तेज़ हो गई, जब सैमसंग ने पिछले साल स्मार्टफ़ोन की बिक्री में एपल को पीछे छोड़ दिया.
शुक्रवार को वॉशिंगटन में एक संघीय अपील जज ने पेटेंट से जुड़े फैसले के संदर्भ में गवाही सुनीं. इसके बाद सैमसंग को निर्देश दिया गया कि पेटेंट का उल्लंघन करने की वजह से उसे एपल को जुर्माने के बतौर एक अरब डॉलर देना होगा.
बाद में इस शुल्क की रक़म कम करके 45 करोड़ डॉलर कर दी गई, लेकिन एपल ने इस फै़सले के ख़िलाफ़ अपील कर दी. हालांकि इस मामले में कोई फ़ैसला अभी नहीं किया गया है.
पिछले सप्ताहांत राष्ट्रपति ओबामा ने यूएस आईटीसी के एक फ़ैसले के संदर्भ में 26 साल में पहली बार राष्ट्रपति वीटो जारी किया था. इसके ज़रिए एपल के  आईफोन और आईपैड के पुराने मॉडल पर लगी रोक को बदल दिया गया था.
शुक्रवार के फ़ैसले को एपल कंपनी की जीत माना जा रहा है. म्यूलर का कहना है, ''एपल धीरे-धीरे सैमसंग पर भारी पड़ रही है.''



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