तब तो ऐपल वॉच बन जाएगी ग्‍लूकोमीटर! जो बिना सुई चुभाए हर वक्त मॉनिटर करेगी आपकी ब्लड शुगर

2018-08-27T03:45:01+05:30

ब्लड शुगर की जांच के लिए लैब टेस्ट या फिर सुई चुभाने वाले ग्लूकोमीटर से तो हम सभी वाकिफ हैं पर अब ऐपल कंपनी एक नई फ्यूचर डिवाइस बना रही है जो ब्लड का सैंपल लिए बिना ही डायबिटीज पेशेंट्स के ब्लड शुगर लेवल की रियल टाइम मॉनिटरिंग करेगी।

दर्द रहित तरीके से डिवाइस हर वक्‍त करेगी ब्‍लड शुगर की निगरानी
कानपुर। दुनिया भर में डायबिटीज के पीडि़त पेशेंट को अपने ब्लड शुगर यानी ब्लड ग्लूकोज लेवल की जांच के लिए सुई चुभाने वाले ग्लूकोमीटर का इस्तेमाल करना पड़ता है। या उन्हें लैब जाकर दर्द देने वाली स्रिंज से उसकी टेस्टिंग करानी पड़ती है। पर अब लोगों को दर्द देने वाली पुराने तरीकों से छुटकारा मिल जाएगा। टी3 डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक आईफोन बनाने वाली कंपनी ऐपल एक ऐसी तकनीक लॉन्‍च करने के करीब है, जिसके द्वारा एक ऐेपल वॉच बिना बॉडी में कोई सुई चुभाए सिर्फ सेंसर की मदद से हर वक्त व्यक्ति के ग्लूकोज लेवल को मॉनिटर कर सकेगी।

ऐपल वॉच की खूबियों में ही जुड़ जाएगा यह वरदान
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक ऐपल ने हाल ही में अपनी एक नई फ्यूचर डिवाइस को लेकर पेटेंट आवेदन फाइल किया है। जिसके मुताबिक यह डिवाइस बिना किसी सुई या टेस्‍ट के ब्लड शुगर लेवल की जांच कर सकेग। यह डिवाइस बहुत ही छोटी और पोर्टेबल होगी, जिसमें से निकलने वाली लाइट बीम और सेंसर व्यक्ति की बॉडी में मौजूद ब्लड शुगर लेवल को जांच सकेंगे। सूत्रों के मुताबिक ऐपल की यह तकनीक ऐपल की स्‍मार्ट वॉच में ही जोड़े जाने की उम्‍मीद है। रियल टाइम मॉनिटरिंग करने के कारण व्‍यक्ति के शरीर में ग्लूकोज लेवल में कोई भी बड़ा उतार-चढ़ाव आते ही, यह डिवाइस तुंरत आपको अलर्ट कर देगी। यानी कि यह लोगों की हेल्थ का ख्याल ज्यादा अच्छी तरह से रख पाएगी। डायबिटीज से पीडि़त उन मरीजों को जिन्हें रोज ही अपने ब्लड शुगर लेवल की जांच करनी होती है, उनके लिए ऐपल की यह स्‍मार्ट वॉच कम ग्‍लूकोमीटर एक वरदान साबित होगी।

फिटनेस बैंड भी बन सकेगा ग्‍लूकोमीटर
पिछले काफी दिनों से ऐपल के बारे में यह कहा जा रहा था कि वह एक ऐसी डिवाइस बना रही है जो शरीर में बिना कोई सुई घुसाए ग्लूकोज लेवल की मॉनिटरिंग कर सकती है। ऐपल की इस खोज को लाइव साइंस की दुनिया में होली ग्रेल के नाम से पुकारा जा रहा है। टी3 की रिपोर्ट बता रही है कि दरअसल ऐपल इस तकनीक पर कई साल से काम कर रहा है। 2015 से ऐपल अपने इस टेक्‍नोलॉजी पेटेंट पर काम कर रहा है। हाल ही में इसे नए एडवांसमेंट के साथ फिर से अपडेट किया गया है। इसमें infrared absorption spectroscopy तकनीक का मेन रोल है। इस तकनीक का इस्‍तेमाल किसी फिटनेस बैंड के साथ भी किया जा सकेगा।

फाइनल टेस्टिंग के दौर में है तकनीक का डेवलपमेंट
सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऐपल की इस फ्यूचर डिवाइस के सुपर सीक्रेट प्रोजेक्ट पर इंजीनियर की एक टीम खुफिया तरीके से पिछले 5 सालों से काम कर रही है। सीएनबीसी का यह भी कहना है कि एंपल द्वारा बनाई गई यह रिसर्च टीम इस डिवाइस पर फाइनल लेवल टेस्‍ट कर रही है, ताकि इससे जुड़ी रेगुलेटरी अथॉरिटी की परमिशन ली जा सके।

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