फीस वापसी की गाइडलाइन में फंसा पेंच

2018-11-01T06:01:25+05:30

विभाग की डिसेंट्रलाइज व्यवस्था पर हाई कोर्ट ने उठाई अंगुली

अभ्यर्थियों को सहूलियत देने की दिशा में साफ किया अपना रुख

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PRAYAGRAJ: सूबे के परिषदीय स्कूलों में सहायक अध्यापक के 72825 पदों पर नियुक्ति के मामले में एक से अधिक जिलों में आवेदन और फीस जमा करने वाले अभ्यर्थियों की फीस वापसी की गाइडलाइन बुधवार को अटक गई। इसके बाद फीस वापसी को लेकर जारी होने वाली गाइड लाइन पर बेसिक शिक्षा परिषद में फिर मंथन शुरू हो गया। बेसिक शिक्षा परिषद ने सूबे के प्रत्येक जिलों में डायट से फीस वापसी की व्यवस्था की तैयारी की थी। इस पर कोर्ट ने सवाल उठाते हुए अभ्यर्थियों को अधिक राहत देने के लिए सेंट्रलाइज व्यवस्था करने की बात कही। ताकि अभ्यर्थियों को फीस वापसी के लिए परेशान न होना पड़े।

आज गाइड लाइन की कवायद

फीस वापसी के मामले को लेकर सचिव बेसिक शिक्षा परिषद रूबी सिंह ने बताया कि कोर्ट के निर्देश पर फिर से गाइडलाइन पर मंथन गुरुवार को होगी। कोशिश रहेगी कि गुरुवार को गाइडलाइन जारी कर दी जाए.

फैक्ट फाइल

- 2011 में सूबे में पहली बार यूपी में टीईटी परीक्षा का आयोजन किया गया

- परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक की नियुक्ति के लिए 72825 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का विज्ञापन जारी हुआ

- विज्ञापन में टीईटी रिजल्ट के आधार पर नियुक्ति का निर्णय लिया गया

- सत्ता परिवर्तन के बाद 5 दिसंबर 2012 में सरकार की ओर से एकेडमिक मेरिट के आधार पर नियुक्ति का निर्णय हुआ

- फरवरी 2013 में काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हुई

- अभ्यर्थियों ने एकेडमिक मेरिट के आधार को चुनौती दी

- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर टीईटी मेरिट पर नियुक्ति का आदेश

- सूबे में 75 जिलों के लिए अभ्यर्थियों को हर जिले के लिए 500 रुपए फीस के साथ अलग- अलग आवेदन करना था

inextlive from Allahabad News Desk


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