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2013-03-13T01:01:03+05:30

Meerut कैंट बोर्ड की जनरल मीटिंग में पॉलिथीन पर रोक लगाने के बावजूद कैंट एरिया के बाजारों में पॉलिथीन का इस्तेमाल बंद नहीं हुआ है जिन पॉलिथीन का इस्तेमाल कैंट क्षेत्र के लोग कर रहे हैं उसका नुकसान उन्हीं को है आदेश हो चुके हैं कि अगर 15 दिन के अंदर दुकानदार पॉलिथीन का इस्तेमाल बंद नहीं करता उसे नोटिस भेजा जाएगा वैसे कैंट बोर्ड इससे पहले भी पॉलिथीन को बैन करने की मुहिम चला चुका है लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ अब इस सख्ती से कितना फायदा होगा ये 15 दिन के बाद ही पता चलेगा

100 किलो की खपत
कैंट क्षेत्र में सबसे बड़ी मार्केट सदर और आबूलेन है। इन दोनों ही मार्केट में कैंट क्षेत्र ही नहीं पूरे शहर से रोजाना दो लाख से अधिक लोग शॉपिंग करने के लिए आते हैं। कैंट बोर्ड अधिकारियों की माने तो रोजाना दोनों ही मार्केट में तकरीबन 100 किलो पॉलिथीन की खपत हो जाती है। बाकी कैंट क्षेत्र की छोटी मार्केट में पॉलिथीन का कोई आंकड़ा नहीं मौजूद नहीं है।

सभी दुकानदार कर रहे यूज
कैंट क्षेत्र में 10600 निर्माण है। जिनमें से 60 फीसदी चेंज ऑफ परपज के थ्रू दुकानों और शोरूम में परिवर्तित हो चुकी है। कैंट क्षेत्र में मौजूद तकरीबन 7 हजार दुकानों में पॉलिथीन का इस्तेमाल हो रहा है। जो कैंट क्षेत्र के लिए काफी नुकसान देह है। इनमें से 5 फीसदी दुकानदार ऐसे नहीं है जो कपड़े या पेपर बैग्स का इस्तेमाल कर रहे हों।
सबसे बड़े नुकसान
पॉलिथीन से पर्यावरण को तो नुकसान तो है ही अगर कैंट क्षेत्र की बात करें तो सबसे बड़ा नुकसान आबू नाले और वार्डों के अंदर नालियों को है। कैंट क्षेत्र में सिवरेज सिस्टम न होने की वजह से नालियां चोक हो जाती हैं। जिससे नालियों को बरसात न होने पर भी गलियों में आ जाता है। पॉलिथीन के अलग से डस्टबिन न होने की वजह से आबू नाले में पॉलिथीन डाली जाती है। जिससे नाले के बहाव में काफी अड़चन पैदा होती है।
सारी कोशिशें फुस्स
दो साल पहले तत्कालिक पीसीबी ब्रिगेडियर निरेश राठौर के समय में वार्ड-3 की मेंबर बीना वाधवा की अगुवाई में कैंट को पॉलिथीन फ्री बनाने की मुहिम चलाई थी जो कुछ दिनों के बाद ही फुस्स हो गई। उसके बाद पिछले वर्ष दिसंबर के महिने में पर्यावरण को लेकर जागरुकता रैली निकाली गई थी। जिसके तहत पूरे कैंट में पॉलिथीन यूज न करने को लेकर हॉर्डिंग्स भी लगाए गए थे।
है सजा का प्रावधान
कैंट बोर्ड के अधिकारियों की माने तो पॉलिथीन यूज करने को लेकर दंड का भी प्रावधान है। इसमें 5 हजार रुपए का दंड शुल्क के अलावा तीन महीने की सजा भी है।
'पब्लिक को खुद भी जागरुक होना होगा। हमने पहले भी अभियान चलाया था। लेकिन पब्लिक का सहयोग न मिलने को लेकर सफल नहीं हो सका। अगर पहले सहयोग मिला होता तो कड़े आदेश न देने होते.'
- प्रशोत्तम लाल, सीईओ, कैंट बोर्ड
'मैं कैंट की जनता से अपील करती हूं कि पॉलिथीन को पूरी तरह से खत्म करने के लिए कैंट बोर्ड का सहयोग करें। इसका सीधा असर आप लोगों के स्वास्थ पर ही पड़ेगा.'
- बीना वाधवा, मेंबर, कैंट बोर्ड
पॉलिथीन सर्वे पर
बनाई गई 13 टीम
कैंट बोर्ड ने कैंट क्षेत्र को पॉलिथीन फ्री बनाने के लिए अपने स्तर से काम शुरू कर दिया है। सैनिटेशन डिपार्टमेंट की ओर से पूरे कैंट के लिए 13 टीम बनाई गई हैं। ये टीम अपने-अपने हिस्सों में जाकर सर्वे करेगी कि किन दुकानों में कितनी पॉलिथीन यूज हो रही है। सर्वे रिपोर्ट 10 के दिनों के भीतर देने को कहा गया है।



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