मार्च हुआ क्लोज हल्का हुआ बोझ

2019-04-01T06:00:13+05:30

हेडर--

मार्च क्लोजिंग पर अधिक से अधिक राजस्व वसूली के लिए कर्मचारी पूरे दिन रहे परेशान

क्रासर--

-बिजली विभाग के कैश काउंटर रविवार को भी रहे खुले, 6 करोड़ की हुई राजस्व वसूली

-नगर निगम और जलकल में भी दोपहर 12 बजे तक जमा हुई बकाये की राशि

मार्च तक प्रदेश सरकार के खाते में ज्यादा से ज्यादा राजस्व पहुंच जाए, इसके लिए शहर के कई सरकारी विभाग पूरे माह राजस्व वसूली में जी जान से जुटे रहे। वैसे तो पूरे माह बनारस के अलग-अलग विभागों ने सरकारी खजाने में अरबों का राजस्व दिया। लेकिन मार्च क्लोजिंग के दिन सरकारी कोष में ज्यादा से ज्यादा धनराशि भर दी जाए। इसके लिए नगर निगम, बिजली विभाग और जलकल विभाग के कैश काउंटर रविवार को भी खुले रहे। इस दिन इन तीनों विभागों ने करोड़ों रुपए की वसूली की। इसमें पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम ने अकेले 6 करोड़ रुपए कमाकर सरकारी खजाने में डाला। राजस्व वसूली के लिए अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक पूरे दिन परेशान नजर आये।

निगम कर्मियों पर बना रहा दबाव

हालांकि जलकल विभाग में पुराने बकाए अदा करने वालों ने दिलचस्पी कम दिखाई, इसलिए यह विभाग बहुत ज्यादा राजस्व की वसूली नहीं कर पाया। वहीं नगर निगम ने ठीक-ठाक कर वसूल किया। इस दौरान निगम व उसके जोनल कार्यालय के कर्मचारी सबसे ज्यादा परेशान रहे। क्योंकि इन पर वसूली का दबाव सबसे अधिक था। बता दें कि नगर निगम में राजस्व की किल्लत से निगम कर्मियों के वेतन, दैनिक भोगी व मस्टर रोल कर्मियों के पारिश्रमिक और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन के भुगतान को लेकर अधिकारियों पर दबाव बढ़ा हुआ है। निगम अधिकारियों की मानें तो मार्च में 10 से 15 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली का टारेगट तय किया गया था।

ज्यादा फोकस बड़े बकाएदारों पर

इस महीने नगर निगम का फोकस सबसे ज्यादा बड़े बकाएदारों पर रहा। शहर के दर्जनों बकायेदारों को निगम प्रशासन ने नोटिस जारी की थी। इन पर 50 हजार से अधिक का टैक्स बकाया है। सरकारी भवनों पर भी प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में निगम का करोड़ों से अरबों रुपए तक बकाया है।

छुट्टी में भी करना पड़ा काम

आखिरी शनिवार और फिर रविवार ये दोनों दिन सरकारी कर्मचारियों के लिए छुट्टी का दिन था, लेकिन मार्च क्लोजिंग और राजस्व वसूली के दबाव की वजह से रविवार को भी सरकारी विभागों के कैश काउंटर खोले गए। शनिवार को जहां नगर निगम, जलकल और बिजली विभाग के काउंटर देर रात तक खुले रहे, वहीं रविवार को भी नगर निगम व जलकल में दोपहर दो बजे तक कामकाज हुआ। वहीं बिजली विभाग के सभी उपखण्डों में रात आठ बजे तक राजस्व की वसूली होती रही।

ऑनलाइन में नहीं दिखा दम

बनारस में आज भी लोग ऑनलाइन से ज्यादा ऑफलाइन को ही तवज्जो दे रहे हैं। ऑनलाइन वसूली जहां 20 से 25 प्रतिशत रही, वहीं ऑफलाइन 75 फीसदी रही। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों की परेशानी ज्यादा बढ़ी रही। अधिकारियों की मानें तो इस शहर में अभी लोगों को ऑनलाइन भुगतान करने में लंबा समय लगेगा। अभी ये सोचते हैं कि कहीं पैसा इधर-उधर न हो जाए।

वर्जन--

राजस्व वसूली के लिए पिछले दो दिन से छुट्टी के दिन भी कैश काउंटर देर शाम तक खोले गए। रविवार को शाम सात बजे तक विभाग के प्रथम डिवीजन में 70 लाख की वसूली की गई है।

जीवन प्रकाश, एक्सईएन, पीवीवीएनएल, खण्ड प्रथम

inextlive from Varanasi News Desk


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