4 हजार करोड़ रुपए खर्च नहीं दिखा असर

2019-06-19T06:00:26+05:30

-केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने देखा गंगा का हाल

-कहा गंगा का पानी आचमन योग्य बनाना ही लक्ष्य

-दीनापुर ट्रीटमेंट प्लांट का किया निरीक्षण

गंगा सफाई अभियान पर चार हजार करोड़ रुपये खर्च हो गए लेकिन अभी तक उसका कोई असर दिखाई नहीं दिया। यह कहना है केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का। मंगलवार को बनारस आए केन्द्रीय मंत्री ने माना कि गंगा की हालत ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि नेशनल मिशन फ़ॉर गंगा क्लीनिंग स्थापित किया गया है। गंगा का पानी आचमन योग्य बनाना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने दीनापुर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण भी किया। सुबह बनारस पहुंचते ही केन्द्रीय मंत्री सबसे पहले दीनापुर स्थित 80 व 140 एमएलडी के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान एसटीपी की क्षमता के अनुसार कार्य करने की दक्षता का आंकलन किया।

26 घाटों का होगा निर्माण

उत्तराखंड और झारखंड में एसटीपी प्लांट के प्रोजेक्ट इस वर्ष के अंत तक पूरे हो जाएंगे। यूपी में 87 प्रोजेक्ट लिए गए थे। इसमें से अभी तक 15 प्रोजेक्ट पूरे हुए हैं। इसमें तीन बनारस के हैं। उन्होंने बताया कि रिवर सरफेस क्लीनिंग के तहत 26 घाटों का निर्माण होना है। कानपुर में टेनरी के इंफ्लुएंट को रोकने काम चल रहा है। अविरलता सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके लिए सहायक नदियों की पवित्रता के लिए भी काम चल रहा है।

inextlive from Varanasi News Desk


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