क्या से क्या हो गए देखतेदेखते

2019-04-12T06:00:13+05:30

जो कुलपति कभी था फरिश्ता, आज वही नौकरी छीनने पर अड़ा

vikash.gupta@inext.co.in

PRAYAGRAJ: महिला सहकर्मी के साथ यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर सस्पेंड किये गये इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ सूर्यनारायण ने अपने फेसबुक वॉल पर निलंबन के विरोध में लम्बी-चौड़ी पोस्ट लिखकर चर्चा में आ गये हैं। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, यह विश्वविद्यालय के महान चरित्रवान कुलपति के समर्थन जैसी गलती का स्वाभाविक परिणाम है। वह मुझे, डरा-झुका, बदनाम करके मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करना चाहते हैं। कुलपति महोदय के कई गलत निर्णयों में साथ न देने के कारण मुझे मानसिक रूप से प्रताडि़त करके यह सब किया जा रहा है। मैं लड़ूंगा और इस साजिश का पर्दाफाश करुंगा।

कैंपस में चर्चाओं ने पकड़ा जोर

प्रो। सूर्य नारायण का निलंबन गुरुवार को डिस्कशन का हॉट टापिक था। सवाल उठा, कौन से कारण हैं कि कुलपति को फरिश्ता बताने में संकोच न करने वाले सूर्यनारायण के खिलाफ कुलपति की अध्यक्षता में कार्य परिषद ने निलंबन का आदेश दे दिया। डॉ। सूर्यनारायण और हिंदी विभाग में पोस्टेड उनकी पत्नी प्रोफेसर लालसा यादव की पूर्व में कुलपति से नजदीकी किसी से छुपी नहीं है। विभाग के लोग बताते हैं कि कुलपति के विरोधियों को भी इनसे कई दफे खरी-खरी सुनने को मिली है।

डॉ। सूर्य नारायण की फेसबुक वॉल से

03 मई 2017: यह दिन मेरे लिए विशेष है। डिफिल में उनका नामांकन 2002 में हुआ। यह दूसरा नामांकन था। इससे पहले नामांकन जनवरी 1995 में हुआ था जो पूरा न हो सका। डिफिल डिग्री अॅवार्ड होने का क्रेडिट वीसी को देते हुए लिखा कि मौजूदा कुलपति के अविस्मरणीय सहयोग, समर्थन और प्रोत्साहन के बिना यह दिन संभव नहीं हो पाता।

13 मई 2017 : हमारे कुलपति पटरी से उतर चुके विश्वविद्यालय को गतिशील बनाने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। उनको भगाने की हरसंभव कोशिशें की जा रही हैं। आधारहीन आरोप लगाए जा रहे हैं। बेवजह आन्दोलन किया जा रहा है। इस अभियान की सूत्रधार वही ताकतें हैं जो पूरे देश में अराजकता के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कुलपति के खिलाफ कैम्पस में चल रहे आंदोलन को तथाकथित आंदोलन बताते हुए लिखा था कि पढ़ने-लिखने वाले अध्यापक और कर्तव्यपरायण कर्मचारी कुचालों को सफल नहीं होने देंगे, ऐसा मेरा विश्वास है।

बाक्स

ऑडियो से इविवि फिर शर्मसार- फोटो

इविवि छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में कुलपति प्रो। रतन लाल हांगलू का पुतला गुरुवार को फूंका गया। इस मौके पर अखिलेश ने कहा कि विवि की गिरती साख और एनआईआरएफ की रैंकिंग में टॉप-200 यूनिवर्सिटी से बाहर होने का जवाब अभी मिला भी नहीं था कि कुलपति के खिलाफ आए एक और ऑडियो ने इविवि को शर्मसार कर दिया। पुतला फूंकने वालों में अंकित यादव, दुर्गेश सिंह, अरविंद यादव, पंकज यादव, हर्ष कुमार, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष पृथ्वी प्रकाश तिवारी आदि शामिल रहे।

वीसी नौकरियों का झांसा देकर मनमाना कर रहे हैं। छात्रनेता आवाज उठाता है तो उसका निष्कासन-निलंबन हो जाता है।

अखिलेश यादव

उपाध्यक्ष छात्र संघ

छात्रावासों में जाकर समर्थन मांगेंगे और कुलपति को बाहर निकालकर रहेंगे।

सत्यम सिंह सनी

उपमंत्री, छात्रसंघ

कुलपति द्वारा छात्रसंघ पदाधिकारियों को भी प्रताडि़त किया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। इसका पर्दाफाश किया जायेगा ताकि सबको वीसी का असली चरित्र पता चले।

शिवम सिंह

महामंत्री, छात्र संघ

inextlive from Allahabad News Desk


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