स्मार्ट शहर में सांड बने काल हर पल खतरे में जान

2019-04-23T06:00:40+05:30

- राजधानी के ज्यादातर इलाकों में बढ़ रही सांड की समस्या

- निगम के अभियान का असर नहीं, सांड के हमले में मौत को गले लगा रहे लोग

LUCKNOW@inext.co.in

LUCKNOW : दिन: सोमवार, समय: सुबह आठ बजे, स्थान सेक्टर 19 इंदिरानगर। रोज की तरह सड़क पर मार्निग वॉकर्स के साथ स्कूल जाने वाले बच्चों की भीड़ थी। तभी अचानक चंद पलों के लिए सभी के कदम ठिठक गए। वजह थी सड़क पर अचानक सामने आया सांड। उसके बीच रास्ते पर आने से किसी की हिम्मत नहीं हुई कि कोई उसे क्रॉस करे। तीन से चार मिनट के बाद जब वह घूमते हुए गली की तरफ गया, तब जाकर लोगों के कदम अपनी-अपनी मंजिल की तरफ बढ़े। हालांकि जिस गली में सांड गया था, उसके सामने से गुजरते समय लोग बार-बार गली की तरफ देख रहे थे कि कहीं वह पीछे से आकर हमला न कर दे। यह तो महज एक तस्वीर है लेकिन हकीकत यही है कि शहर के ज्यादातर इलाकों में सांड की समस्या एक गंभीर विषय बन चुकी है।

स्मार्ट सिटी में ग्रहण

स्मार्ट सिटी बनने की राह में बढ़ रही राजधानी में सांड काल बनते नजर आ रहे हैं। जिससे हर किसी की जिंदगी पर खतरा मंडरा रहा है। निगम प्रशासन इन्हें पकड़ने का दावा तो करता है लेकिन अभियान के बाद फिर उतनी ही संख्या में सांड सड़क पर दिखाई देते हैं।

आखिर आ कहां से रहे

बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी संख्या में सांड आ कहां से रहे हैं। निगम प्रशासन की माने तो शहर में जितने सांड थे, उन्हें पकड़ कर कान्हा उपवन भेजा जा चुका है, अगर ऐसा है तो फिर शहर की गलियों में घूमने वाले सांड कहां के हैं।

कोई नहीं आता सामने

निगम प्रशासन की ओर से इन्हें पकड़ने के बाद कान्हा उपवन भेजा जाता है। इसके बाद कोई भी व्यक्ति सामने नहीं आता है जो सांड को छुड़ाए। जिससे निगम प्रशासन को ही सांड की देखरेख करनी पड़ती है। निगम की ओर से यह प्रयास किया जाता है कि डेयरी संचालक इनकी देखरेख की जिम्मेदारी लें लेकिन नतीजा सिफर रहता है।

हाल में पकड़े गए 100 सांड

पिछले माह निगम प्रशासन की ओर से अभियान चलाकर करीब 100 सांड पकड़े गए थे। इन्हें कान्हा उपवन भेजा गया था। यह भी जानकारी सामने आई है कि अब फिर से 70 से 80 सांड शहर के अलग-अलग इलाकों में घूम रहे हैं।

अभियान एक नजर में

100 सांड पकडे गए थे

7 टीमें लगी थी अभियान में

15 दिन चला था अभियान

वर्तमान स्थिति

110 वार्ड नगर निगम क्षेत्र में

300 से ज्यादा सांड शहर में

दूसरे क्षेत्रों से आ रहे

निगम प्रशासन की माने तो निगम सीमा के बाहरी इलाकों से सांड शहर में आ रहे हैं। अभी जो जानकारी आई है, उसमें शहर के बाहरी एरिया (निगम सीमा अंतर्गत) में सांड की शिकायतें ज्यादा हैं।

पिछले हादसे एक नजर में

- तेलीबाग में सांड के हमले में युवक की मौत

- अमीनाबाद में सांड ने युवक को अधमरा किया

- इंदिरानगर में सांड ने बुजुर्ग पर हमला किया

- नरही में निगम कर्मी को सांड ने पटका

सेल्समैन को मौत के घाट उतारने वाला सांड पकड़ा गया

गौरतलब है कि पीजीआई के वृन्दावन योजना के सेक्टर 5/ ईटू निवासी मनोज कुमार पाल एक निजी कंपनी में सेल्समैन थे। संडे शाम वे सब्जी लेकर घर आ रहे थे। तभी पीछे से सांड आया और उन्हें अपनी सींगों पर उठाकर जमीन पर पटक दिया। लोगों ने सांड़ को खदेड़ने की कोशिश की लेकिन, सांड ने उन लोगों को भी दौड़ा लिया। जान बचाकर भागे लोग सुरक्षित दूरी बनाकर जा खड़े हुए। जिसके बाद सांड ने घायल पड़े मनोज को फिर कई बार टक्कर मारी। जिससे वह अचेत हो गए। सांड के वहां से जाने के बाद लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गंभीर रूप से घायल मनोज को इलाज के लिये हॉस्पिटल में एडमिट कराया। जहां सोमवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। मनोज की मौत के बाद नगर निगम हरकत में आया और मनोज को मौत के घाट उतारने वाले सांड को फिलहाल पकड़ लिया है। सांड को कान्हा उपवन भेज दिया गया है। इसके साथ ही शहर के अन्य एरिया में भी 20 से 25 अन्य सांड पकड़े गए हैं।

नगर निगम की ओर से सांड पकड़ने के लिए नियमित रूप से अभियान चलाया जाता है। हाल में ही सांड पकड़ने का अभियान चलाया गया था। करीब 100 सांड पकड़े गए थे। नए सिरे से अभियान चलाने को लेकर प्लानिंग हो रही है।

डॉ। अरविंद राव, डिप्टी डायरेक्टर, पशु कल्याण

inextlive from Lucknow News Desk


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