केजीएमयू में भी मिलेगा आयुष विधाओं का इलाज

2018-11-27T06:00:33+05:30

- केजीएमयू में अलग से बनेगा आयुष विभाग, केंद्रीय मंत्री ने की घोषणा

LUCKNOW:

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू)) में प्रदेश भर से आने वाले मरीजों को आयुष चिकित्सा पद्धतियों से भी इलाज कराने का मौका मिलेगा। इसके लिए केजीएमयू में आयुष विभाग की स्थापना की जाएगी। सोमावर को साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में केजीएमयू और आयुष विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय आयुष मंत्री श्रीपद येसो नाईक ने की।

कोई भी व्यक्ति न हो बीमार

कार्यक्रम के दौरान श्रीपद नाईक ने विराज नाम के बच्चे को स्वर्णप्राशन दवा पिलाई। वीसी प्रो। एमएलबी भट्ट ने कहा कि किसी भी बीमारी के इलाज से ज्यादा जरूरी यह है कि कोई भी व्यक्ति बीमार ही न हो, इसके लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर इन बीमारियों से बचा भी जा सकता है और इनका इलाज भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि लगभग 70 फीसदी बीमारियों का कारण हमारी खराब दिनचर्या है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की संरचना ही स्वस्थ से स्वास्थ्य रक्षम् के मूलमंत्र के साथ किया गया है। उन्होंने ऐलोपैथी, आयुर्वेदिक, यूनानी सहित अन्य प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों के द्वारा एक ही छत के नीचे इलाज किए जाने को आज के समय की जरूरत बताया।

प्रदेश सरकार करेगी सहयोग

आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी ने कहा कि केजीएमयू में आयुष विभाग के लिए हर प्रकार से सहयोग किया जाएगा। इस मौके पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने केजीएमयू व आरोग्य भारती द्वारा लगाए गए नि:शुल्क चिकित्सा शिविर व स्वर्णप्राशन की प्रशंसा की.इस मौके पर डॉ। बीएन सिंह, डॉ। एसएन शंखवार, डॉ। विनोद जैन, डॉ। वीके विमल, निदेशक यूनानी, डॉ। एमएचएस सिद्दीकी, डॉ। सुदीप, डॉ। हेमलता, डॉ। अमिता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

inextlive from Lucknow News Desk


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