उत्तरी अफ्रीका के देश चाड में हाथियों के झुंड को मारा गया. इसमें ज़िदा बच गए हाथी के नौ महीने के बच्चे को इलाज के लिए पायलट और नर्स गैरी रॉबर्ट्स अपने 4 सीटों वाले जहाज़ में अपने साथ ले गए.


350 पाउंड के हाथी के साथ यात्रा करना गैरी के लिए यादगार अनुभव रहा.पढ़ें पूरी घटनाकीनिया में पैदा हुए गैरी रॉबर्ट्स फ़िलहाल चाड में रहते हैं. वह पायलट हैं और नर्स भी.पिछले साल मार्च में उत्तरी चाड में एक राष्ट्रीय पार्क के निदेशकों ने गैरी को फ़ोन करके कहा कि हाथियों के मारे जाने की ख़बरें आ रही हैं.गैरी ने बीबीसी को बताया, ''उन्होंने मुझसे कहा कि क्या मैं जहाज़ उड़ाकर वहां जाकर वास्तविकता का पता लगा सकता हूं. मैंने जो देखा वह बेहद दुखद था. चारों तरफ़ ख़ून बिखरा था. हाथियों की हड्डियां पड़ी थीं. उन्हें हथियारों का इस्तेमाल करके मारा गया था.''गैरी बताते हैं- इस सर्वे के कुछ दिन बाद चाड के वन्य जीव निदेशक ने मुझे फ़ोन करके कहा कि हाथियों की हत्या वाले स्थान से ये ख़बरें आ रही हैं कि वहां एक हाथी ज़िंदा बच गया है.
हालांकि वह कहां है इसका पता लगाना मुश्किल हो रहा था क्योंकि वो जंगल से किसी गांव की ओर निकल गया था, उसका पता लगाने में चार पांच दिन लग गए.जंगल से जहाज़


नन्हे हाथी ने प्लेन के अंदर गैरी के जहाज़ के कंट्रोल बोर्ड के साथ छेड़छाड़ की, गैरी बताते हैं ''उसे कंट्रोल में काफ़ी दिलचस्पी थी. वो अपनी सूंड से मेरे हाथ छू रहा था. बटनों से छेड़छाड़ कर रहा था. मेरा मुंह भी छू रहा था. एक हाथी के साथ जहाज़ उड़ाने का यह अनोखा अनुभव था.''हालांकि गैरी उसे बचा नहीं सके क्योंकि वो हादसे के आठ दिन बाद मिला था और काफ़ी कमज़ोर था.गैरी ने बताया, ''वह अपनी मां से दूर था. गले में पड़ी रस्सी से उसे संक्रमण हो गया था. गांव वालों ने उसे गाय का दूध पिलाया लेकिन यह हाथी के बच्चे के लिए हानिकारक होता है. अपने परिवारवालों की हत्या की पीड़ा और इन परेशानियों के चलते उसका बचना मुमकिन नहीं हो पाया.''

Posted By: Satyendra Kumar Singh