अब तक 42

2019-06-05T06:00:49+05:30

-खराब व्यवहार में चिन्हित हुए पुलिस कर्मचारी, गिरेगी गाज

-रुपए लेने, मनमानी करने से खराब हो रही महकमे की छवि

GORAKHPUR: पब्लिक संग खराब व्यवहार करने वाले पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन शुरू हो गया है। हाल के दिनों में अपनी कार्यशैली से चर्चा में आए 42 पुलिस कर्मचारियों को एसएसपी ने चिन्हित किया है। उनके खिलाफ सामने आए मामलों की जांच सीओ को दी गई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर सभी के खिलाफ कार्रवाई तय हो गई है। एसएसपी ने कहा कि खराब काम से पुलिस की छवि खराब होती है। यहां पर किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी।

42 कर्मचारियों को किया गया चिन्हित

हाल के दिनों में पुलिस कर्मचारियों के खराब व्यवहार की काफी चर्चा रही है। सीनियर अफसरों के पास शिकायत बढ़ने पर अधिकारियों ने कड़ी कार्रवाई के संदेश दिए। एसएसपी ने कहा कि जिन लोगों की वजह से महकमे की बदनामी हो रही है। उनके बाहर का रास्ता दिखाने के लिए जांच की जाए। एसएसपी के पास पहुंचने वाले दरख्वास्त के आधार पर ऐसे पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन की शुरूआत की गई। अभी तक सिपाही और दरोगा मिलाकर कुल 42 लोगों को चिन्हित किया गया है, जिनके खिलाफ विभिन्न तरह की शिकायतें सामने आई।

रुपए लेने का आरोप, नपेंगे दो दरोगा

आईजीआरएस में हुई शिकायत पर फर्जी रिपोर्ट लगाकर निस्तारण दिखाने वाले दो दरोगाओं के खिलाफ एसएसपी ने जांच शुरू करा दी है। दोनों दरोगा वर्तमान में चौरीचौरा थाना पर तैनात हैं। संपूर्ण समाधान दिवस पर पहुंचे फरियादी ने दो दरोगाओं पर 11 हजार रुपए लेकर फर्जी रिपोर्ट लगाने की शिकायत दर्ज कराई। बिफरे एसएसपी ने तत्काल दोनों को तलब करके फटकार भी लगाई। जांच रिपोर्ट आने पर दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

किशोरी से बदसलूकी में सस्पेंड हुए दो कांस्टेबल

एक हफ्ते पूर्व कचहरी चौराहे पर स्थित एक होटल में दो सिपाहियों ने एक परिवार की किशोरी संग बदसलूकी की। महिला ने थाना पर शिकायत की तो कोतवाल ने उसे डरा-धमकाकर तहरीर वापस करा दी। इसकी जानकारी होने पर एसएसपी ने जांच का निर्देश सीओ कोतवाली को दिया। जांच में दोनों सिपाही दोषी पाए गए जिस पर एक्शन लेते हुए एसएसपी ने पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल विनोद कुमार और कृष्ण कुमार पटेल को सस्पेंड कर दिया।

आठ लाख रंगदारी में वसूलने में पकड़ा गया था दरोगा

पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ पहले स शिकायतें सामने आती रही हैं। लेकिन टीपी नगर चौकी पर तैनात रहे दरोगा शिव प्रकाश सिंह ने हद कर दी। उसकी करतूतों से गोरखपुर पुलिस को पूरे यूपी में शर्मसार होना पड़ा। पुलिस ने उसे शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टर से रंगदारी मांगने के आरोप में अरेस्ट किया। वह अपने परिचित कथित पत्रकार प्रणव त्रिपाठी संग मिलकर डॉक्टर से रुपए मांग रहा था। डॉक्टर के खिलाफ रेप की शिकायत का हवाला देकर वह धमकाता रहा। मामले की शिकायत होने पर दरोगा और उसके सहयोगी रंगेहाथ दबोच लिए गए। इसके बाद से खराब व्यवहार वाले पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू हो गया।

इस आधार पर एसएसपी ने तैयार की लिस्ट

थानों और चौकियों से एसएसपी के पास पहुंचने वाली शिकायत

रुपए के लिए झूठी शिकायत पर किसी को उठाकर थाना पर बैठाना

किसी मामले की शिकायत पर फरियादी से रुपए मांगना, आरोपी से वसूली

फरियादियों से ठीक से बात नहीं करना, बदसलूकी से पेश आने की शिकायतें

पुलिस के रौब में राह चलते लोगों को प्रताडि़त करने और लाभ लेने के आरोप

सीनियर अफसरों के निर्देश के बावजूद कार्रवाई न करना, पीडि़त का उत्पीड़न

विभागीय अनुशासनहीनता और कर्मचारियों से खराब तरीके से पेश आने की शिकायत

थाना में फरियादी न्याय पाने के लिए पहुंचते हैं। उनके साथ बदसलूकी की शिकायत सामने आने पर लिस्ट तैयार कराई गई। अभी तक ब्लैकलिस्ट में 42 पुलिस कर्मचारियों को शामिल किया गया है। उनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई हो जाएगी।

डॉ। सुनील कुमार गुप्ता, एसएसपी

inextlive from Gorakhpur News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.