खुल गए बदरीनाथ धाम के कपाट पहले दिन पहुंचे 30 हजार से ज्‍यादा श्रद्धालु

2018-05-01T03:39:04+05:30

पहले दिन 38 हजार श्रद्धालु पहुंचे बदरीनाथ धाम अब चार धाम यात्रा भी औपचारिक तौर पर शुरू। चारधाम यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों में भारी उत्साह।

DEHRADUN: गंगोत्री, यमुनोत्री व केदारनाथ धाम के साथ मंडे को ब्रह्म मुहूर्त में भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. पहले दिन 37 हजार 966 श्रद्धालु बदरी विशाल के दर्शनों किए. इसके साथ ही अब विश्व प्रसिद्ध चारधामों की यात्रा का शुभारंभ हो गया है.

 

तीन बजे रात से शुरू हुई प्रक्रिया

मंडे को सुबह तीन बजे से कपाट खोलने की प्रक्रिया शुरू हुई. ठीक चार बजे फूलों से सजे मंदिर के मुख्य द्वार की पूजा की गई. इसके बाद हकहकूकधारियों, बदरी-केदार मंदिर समिति के पदाधिकारियों व प्रशासन की मौजूदगी में मुख्य द्वार के ताले खोले गए. ठीक साढ़े चार बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ बदरीनाथ धाम के रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी के नेतृत्व में कपाट खोले गए. गर्भगृह में अखंड ज्योति के दर्शन के बाद शीतकाल के दौरान ओढ़ा गया घृत कंबल को उतार भगवान बदरी विशाल का फूलों से श्रृंगार किया गया. आभूषण पहनाए गए और मंदिर को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिया गया. कपाटोत्सव के दौरान नारायण को इस साल का पहला राजभोग लगा. कपाट खुलने के दौरान सेना की बैंड की धुनों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया. जबकि माणा और बामणी गांव की महिलाओं ने लोकनृत्य प्रस्तुत कर सबको चकित कर दिया. इस खास मौके पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट आदि मौजूद रहे.

 

अब शुरू होगा टोकन सिस्टम

बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह के अनुसार पहले दिन यात्रियों को बिना टोकन के दर्शन करने की अनुमति दी गई, लेकिन ट्यूजडे से टोकन सिस्टम शुरू कर दिया जाएगा. इसके बाद यात्री टोकन से ही भगवान बदरी विशाल के दर्शन करेंगे.

 

18 से खुलने शुरू हुए थे कपाट

चारधाम कपाट खुलने का सिलसिला 18 अप्रैल से शुरू हुआ. 18 अप्रैल को गंगोत्री व यमुनोत्री धामों के कपाट खुले, जबकि 29 अप्रैल को संडे को केदारनाथ धाम के कपाट खुले थे.

 

भविष्य बदरी के भी कपाट खुले

पंचबदरी में शामिल भगवान भविष्य बदरीधाम के कपाट भी मंडे को ब्रह्मामुहूर्त में 4.30 बजे पर भक्तों के लिए खोल दिए गए. सुभांई गांव में स्थित भविष्य बदरी के कपाट खुलने की परंपरा बदरीनाथ से जुड़ी हुई है. खास बात यह है कि बदरीनाथ के साथ ही यहां के कपाट भी खुलते और बंद होते हैं. भविष्य बदरी जाने के लिए जोशीमठ से 18 किमी दूर सलधार तक सफर करना पड़ता है. यहां से भविष्य बदरी मंदिर आठ किमी की दूरी पर है. दो किमी की खड़ी चढ़ाई है.

 

'देवसेना' ने किए गंगोत्री धाम में दर्शन

उत्तरकाशी, दक्षिण भारतीय फिल्मों की सुपर स्टार एवं फिल्म 'बाहुबली' के भाग-एक और भाग-दो में देवसेना के रूप में अपनी एक्टिंग की जलवा बिखेर चुकी अनुष्का शेट्टी ने संडे शाम गंगोत्री धाम पहुंचकर मां गंगा के दर्शन किए. इससे पूर्व उन्होंने गंगाघाट पर मां गंगा की आरती भी की. धाम के पुजारी सुधांशु सेमवाल ने बताया कि अनुष्का शेट्टी जूना अखाड़ा के साधुओं के साथ संडे दोपहर गंगोत्री धाम पहुंचीं. जूना अखाड़ा के भूपेंद्र पुरी ने बताया कि अभिनेत्री अनुष्का जूना अखाड़े की अनुयायी हैं.


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