बार कोड बनेगा ट्रांसपोर्टर की परेशानी

2018-10-02T06:00:39+05:30

अब माल की पूरी जानकारी फीड कर गाड़ी पर लगाना होगा बार कोड

MEERUT। वस्तु और सेवाकर विभाग ने एक ओर नई व्यवस्था लागू कर ट्रांसपोर्ट और व्यापारियों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। 1 नवंबर से किसी भी प्रकार के माल की आवाजाही के लिए ट्रांसपोर्टर या व्यापारी को अपने मॉल की डिटेल विभाग के पोर्टल पर फीड कर बकायदा बार कोड जेनरेट करना होगा। अब उस बार कोड को ही दिखाकर माल का आवागमन होगा। यदि बार कोड नही है तो ट्रांसपोर्टर को जुर्माना भुगतना पडे़गा।

1 नवंबर से लागू होगी व्यवस्था

वस्तु एंव सेवा कर के नियमावली 2017 के उप नियम 138 ए के अनुसार ट्रांसपोर्टर्स को अब माल की आवाजाही से पहले विभाग के पोर्टल पर फार्म जीएसटी ईडब्ल्यूबी 01 भरना होगा। इसके पोर्टल से ट्रांसपोर्टर को एक आरएफआईडी कोड यानि रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन कोड जेनरेट होगा वह बार कोड ट्रांसपोर्ट वाले वाहन के फ्रंट शीशे पर लगाना होगा। इसके बाद माल को चालक आसानी से गंतव्य तक ले जा सकेगा।

बार कोड से आसान होगा ट्रांसपोर्ट

दरअसल इस बार कोड में माल से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी फीड होगी। माल किसके द्वारा, कब, क्या है, कहां से कहां तक जा रहा है यह सब ऑनलाइन बार कोड में फीड होगा। रास्ते में चेकिंग पाइंट पर विभाग के अधिकारी माल के कागजात देखने के बजाए बार कोड देखकर गाड़ी को आगे रवाना कर देंगे।

मुख्यालय स्तर पर इस आदेश का सरकुलर जारी किया गया है। ट्रांसपोर्टर को पहले की तरह जानकारी भरनी होगा बार कोड मिल जाएगा।

जितेंद्र कुमार, एडीसी

इस प्रकार के बार कोड की व्यवस्था से ट्रांसपोर्टर की परेशानी ओर अधिक बढ़ जाएगी पहले से ही ई वे बिल, जीएसटी ने ट्रांसपोर्टर का काम बढ़ाया हुआ है।

गौरव शर्मा, ट्रांसपोटर्स एसोसिशन अध्यक्ष

inextlive from Meerut News Desk


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