बाल आयोग ने बीएसए से किया जवाबतलब

2019-05-19T06:00:41+05:30

-राइट-टू-एजुकेशन के तहत प्राइवेट स्कूल्स में मुफ्त एडमिशन का आवेदन निरस्त करने का मामला

VARANASI

बेसिक शिक्षा विभाग पर राइट-टू- एजुकेशन (आरटीई) के तहत प्राइवेट स्कूल्स में मुफ्त एडमिशन का आवेदन मनमाने तरीके से कैंसिल करने का आरोप है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कम्प्लेन को गंभीरता से लिया है। आयोग ने इस संबंध में बीएसए से जवाब तलब किया है। डिस्ट्रिक्ट में सिटी एरिया के 471 प्राइवेट स्कूल्स में 10116 सीटों पर एडमिशन के लिए 13194 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इसमें से 8227 बच्चों को लॉटरी के माध्यम से स्कूल एलॉट किए गए। सीटें फुल हो जाने के कारण 4513 बच्चों को स्कूल एलॉट नहीं हो सका। वहीं वेरीफिकेशन में 553 बच्चों के आवेदन निरस्त कर दिए गए थे। इस संबंध में जन अधिकार मंच के अध्यक्ष अनिल कुमार मौर्य ने बाल अधिकार आयोग से शिकायत की। आरोप लगाया कि एक किलोमीटर की परिधि का हवाला देते हुए सूबे के विभिन्न डिस्ट्रिक्ट में बड़े पैमाने पर आवेदन निरस्त किए गए हैं। इसमें ऐसे बच्चे भी हैं जो शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के सीमा पर रहते हैं। उनका आवास ग्रामीण क्षेत्र में है। जबकि सिटी एरिया के विद्यालय उनके आवास के नजदीक हैं। ऐसे बच्चों ने एडमिशन का विकल्प सिटी एरिया के स्कूल में दिया था। वहीं वेरीफिकेशन के नाम पर इन बच्चों का आवेदन निरस्त कर दिया गया है। आयोग ने इस संबंध में बीएसए से जानकारी मांगी है। वहीं आरटीई के नोडल अधिकारी जेपी सिंह ने बताया कि विसंगति मिलने पर आवेदन निरस्त किए गए थे।

इनको अब भी लिस्ट का इंतजार

रूरल एरिया के 350 स्कूल्स में एडमिशन के लिए डिस्ट्रिक्ट के करीब 6000 बच्चों ने आवेदन किया है। इन बच्चों को अब तक स्कूल एलॉट नहीं किया गया है। बच्चों को अब भी लिस्ट का इंतजार है।

प्वाइंट टू बी नोटेड

डिस्ट्रिक्ट आवेदन निरस्त फॉर्म

वाराणसी 13294 553

inextlive from Varanasi News Desk


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