उत्तरकाशी में बेली ब्रिज टूटने की जांच शुरू

2018-04-04T07:00:11+05:30

- बीआरओ द्वारा क्षतिग्रस्त पुल के पा‌र्ट्स खोलने पर चढ़ा जांच टीम का पारा

- जांच टीम ने बीआरओ के अधिकारियों को लगाई फटकार

UTTARKASHI: गंगोत्री हाईवे पर बेली ब्रिज के टूटने के मामले की जांच शुरू हो गई है। जांच टीम मंगलवार की सुबह गंगोरी पहुंची। लेकिन, वहां बीआरओ की टीम जब क्षतिग्रस्त पुल के पा‌र्ट्स को खोलती दिखी, तो जांच टीम का पारा चढ़ गया। टीम ने बीआरओ के अधिकारियों को फटकार लगाई। जांच टीम अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी, जिसके बाद ढाई करोड़ की लागत से तीन माह पहले ही बने बेली ब्रिज की जवाबदेही तय की जाएगी।

बीआरओ ने दर्ज कराया था मुकदमा

रविवार को गंगोत्री हाईवे पर भारत चीन सीमा को जोड़ने वाला 57 मीटर लंबा बेली ब्रिज टूट गया था। बीआरओ ने इस पुल के टूटने का कारण रेत से भरे एक डंपर को बताया था तथा डंपर चालक के खिलाफ कोतवाली उत्तरकाशी में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। वहीं डीएम डॉ। आशीष चौहान ने इस पुल के टूटने की जांच के लिए एक कमेटी गठित की। मंगलवार को जब एसपी ददन पाल व एडीएम पीएल शाह के नेतृत्व में गठित की गई जांच कमेटी मौके पर पहुंची तो वहां बीआरओ क्षतिग्रस्त पुल के पा‌र्ट्स खोलते दिखे। इस पर एडीएम पीएल शाह ने बीआरओ कर्मचारियों और अधिकारियों को फटकार लगाई। इसके बाद टीम ने पुल का निरीक्षण किया। एडीएम पीएल शाह ने कहा कि जांच कमेटी अपनी तकनीकी रिपोर्ट शीघ्र देगी, जिसे संकलित कर जिलाधिकारी को प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच कमेटी जरुरत पड़ने पर क्षतिग्रस्त पुल के कुछ पा‌र्ट्स की गुणवत्ता की जांच के लिए उसे लैब भी भेजेगी। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि बनाए गए वैकल्पिक मोटर मार्ग पर वाहनों को चढ़ने में कठिनाई हो रही है, जिस पर जिलाधिकारी ने वैकल्पिक सड़क को सुगम बनाने के सख्त निर्देश दिए हैं।

inextlive from Dehradun News Desk


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