इनर रिंग रोड पर फिर काम शुरू

2018-08-15T06:00:20+05:30

सीएम के संज्ञान लेने के बाद पीडब्ल्यूडी ने एक बार फिर शुरू की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया

एमडीए को लिखा पत्र, करीब 12 किमी की दूरी में बनेगा प्रथम चरण में रिंग रोड

MEERUT। सीएम योगी आदित्यनाथ के संज्ञान लेने के बाद ठप पड़ी इनर रिंग रोड प्रोजेक्ट की फाइल एक बार फिर तेजी से मूव हुई है। लोकसभा चुनाव से पहले मेरठ में इनर रिंग रोड का निर्माण कार्य आरंभ करने की मंशा सरकार की है तो वहीं निर्माणी संस्था लोक निर्माण विभाग ने एमडीए से परियोजना के लेआउट में आने वाली जमीन का अधिग्रहण कराने को लेकर पत्र लिखा है।

डिप्टी सीएम ने दिए आदेश

गत दिनों मेरठ आए सीएम योगी आदित्यनाथ से मेरठ के जनप्रतिनिधियों ने इनर रिंग रोड का निर्माण आरंभ कराने को लेकर मुलाकात की थी, सांसद राजेंद्र अग्रवाल और विधायक सोमेंद्र तोमर ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के समक्ष भी प्रोजेक्ट को लेकर पैरवी की। जनप्रतिनिधियों की पहल का ही नतीजा है कि शासन ने पीडब्ल्यूडी से प्रोजेक्ट स्थिति तलब कर ली, वहीं दूसरी ओर एमडीए सीमाक्षेत्र से गुजर रहे रिंग रोड के लिए पीडब्ल्यूडी ने एमडीए से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आरंभ करने के लिए पत्र लिखा है। एमडीए वीसी साहब सिंह ने बताया कि दोनों विभागों के बीच सैद्धांतिक सहमति के बाद जमीन को पीडब्ल्यूडी को सौंप दिया जाएगा। इस संबंध मे एमडीए ने आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को प्रोजेक्ट की शर्तो से अवगत करा ि1दया है।

यहां से गुजरेगी रिंग रोड

पीडब्लूडी ने 8 माह पहले इनर रिंग रोड का प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा था। जिसपर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पीडब्लूडी से संशोधित प्रस्ताव मांगा था। उसके बाद से इनर रिंग रोड का डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) शासन में दबी पड़ी थी। सीएम के संज्ञान लेने के बाद शासन ने एक बार फिर डीपीआर को खोला और पीडब्लूडी को एक माह में विभिन्न अटकलों को दूर करने के आदेश दिए हैं। शासन की मंशा मेरठ के आसपास निर्माणाधीन हाइवे के साथ ही इनर रिंग रोड बनाने की योजना है.

34 किमी लंबी, 45 मीटर चौड़ी रोड

इनर रिंग रोड की लंबाई 34.380 किमी और चौड़ाई 45 मीटर प्रस्तावित की गयी है। रोड दो चरणों में बनाए जाने का प्रस्ताव है। सड़क एमडीए, पीडब्लूडी और आवास विकास की भूमि से गुजरनी है। तीनों ही विभागों की अहम भूमिका होगी.

यहां से गुजरेगी इनर रिंग रोड

इनर रिंग रोड वेदव्यास पुरी, शताब्दी नगर, नूरनगर, जुर्रानपुर, जाहिदपुर से गुजरते हुए लोहियानगर से गढ़ रोड पर मिलेगी। ताकि गढ़ रोड के वाहनों को दिल्ली रोड और हापुड़ रोड आने के लिए हापुड़ अड्डा या तेजगढ़ी चौराहा से न गुजरना पड़े। इनर रिंग रोड बनने के बाद दिल्ली रोड ही नहीं बल्कि पुराना हापुड़ अड्डा चौराहा मार्ग को भी जाम से मुक्ति मिलेगी.

160 करोड़ से होगा भूमि अधिग्रहण

सरकारी विभागों के अलावा इनर रिंग रोड के लिए कई गांवों में किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। भूमि अधिग्रहण पर लगभग 160 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च होना प्रस्तावित है। तत्कालीन कमिश्नर डॉ। प्रभात कुमार की ओर से शासन को भू- अर्जन का बजट प्रस्ताव भेजा था।

इनर रिंग रोड एमडीए की लोहियानगर, गंगानगर योजना से गुजरेगी। इसको लेकर पीडब्ल्यूडी की ओर से भूमि अधिग्रहण के लिए पत्र आया है। शासन के निर्देश पर अधिग्रहण की कार्रवाई आरंभ कर दी जाएगी।

साहब सिंह, उपाध्यक्ष, एमडीए

inextlive from Meerut News Desk


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