माइग्रेटरी बर्ड से बर्ड फ्लू का बड़ा खतरा

2018-12-27T06:00:43+05:30

- बिहार सरकार माइग्रेटरी बर्ड पर नजर रखने में है फेल

PATNA: बर्ड फ्लू के खतरे का सबसे बड़ा कारण माइग्रेटरी बर्ड है। सरकार आम लोगों को अलर्ट कर रही है। लेकिन सबसे बड़े खतरे माइग्रेटरी बर्ड के गतिविधियों पर नजर नहीं रख पा रही है। किस इलाके में और कितनी बड़ी संख्या में इसकी मौजूदगी है, इसे लेकर कभी भी सरकारी प्रयास नहीं किए गए। इसलिए सरकार के पास माइग्रेटरी बर्ड की एक्टिविटी के बारे में स्पष्ट जानकारी का अभाव है। देश के जाने- माने पक्षी विशेषज्ञ अरविंद मिश्रा ने इसके नियमित निरीक्षण की बात कही। पहले जब बर्ड फ्लू नहीं था तब भी माइग्रेटरी बर्ड के प्रवास क्षेत्र और उनकी संख्या आदि के बारे में कभी सरकार की ओर से प्रयास नहीं किए गए .

किसे कहेंगे माइग्रेटरी बर्ड

अरविंद मिश्रा ने बताया कि माइग्रेटरी बर्ड का अर्थ वैसे विदेशी पक्षियों से हैं जो यहां कुछ समय के लिए आते हैं लेकिन ब्रीडिंग नहीं करते हैं। इनके देश में आने का कारण अपने देश में मौसम की प्रतिकूल स्थिति है। अरविंद मिश्रा बताते हैं कि पक्षी के आने का समय निर्धारित है और वे कुछ समय के लिए प्रतिकूल मौसम की स्थिति से बचने के लिए ऐसा करते हैं। इससे पहले भी बर्ड फ्लू का समस्या सामने आयी है लेकिन तब और न ही अब सरकार ने इस समस्या के आलोक में सिर्फ जागरूकता की बात कह अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली। जबकि यदि आबजर्वेशन किया जाता तो कम से कम यह जानकारी रहती कि कौन से इलाके में और कितनी संख्या में और किस प्रजाति के बर्ड होंगे, यह पुख्ता जानकारी होती।

कब आते हैं माइग्रेटरी बर्ड

उन्होंने कहा कि देशी- विदेशी पक्षी को न मारे, उसे दूर से ही देखें। बर्ड लाइफ इंटरनेशनल और व‌र्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन की ओर से यह सूचना जारी की गई है। पटना समेत बिहार में माइग्रेटरी बर्ड के आने का समय अक्टूबर नवंबर से होता है और ये फरवरी तक रहते हैं। अरविंद मिश्रा ने बताया कि पटना में माइग्रेटरी बर्ड में आस्प्रे, श्राइक, बॉग टेल, चाहा ग्रुप के पक्षी और बतख प्रजाति के पक्षी प्रमुख रूप से शामिल हैं। वेटलैंड एरिया, गंगा के क्षेत्र और कुछ रिहाइशी इलाकों में देखा जाता है। ये पक्षी तिब्बत, साइबेरिया, चीन, मंगोलिया, नेपाल और रूस से यहां आते हैं।

बर्ड फ्लू को लेकर अवेयर रहने की जरूरत है। रेगुलर सर्वे नहीं होने से माइग्रेटरी बर्ड की संख्या की जानकारी नहीं है।

- अरविंद मिश्रा,

स्टेट को आर्डिनेटर इंडियन बर्ड कनजर्वेशन नेटवर्क

inextlive from Patna News Desk


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