विकास की रफ्तार पर आचार संहिता का ब्रेक

2019-03-14T06:00:15+05:30

मेरठ से लोकल शहरों के लिए उड़ान के सपने पर भी फिलहाल ब्रेक

एमडीए की कई योजनाओं में आंतरिक और वाह्य विकास कार्य ठप

प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों को नहीं मिल सका आशियाना

MEERUT। इनर रिंग रोड, तेजगढ़ी, बेगमपुल, हापुड रोड क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर समेत शहर के विकास की कई योजनाओं पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद डीएम ने सभी विभागों को ऑन गोइंग प्रोजेक्ट के अलावा अन्य योजनाओं पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत मेरठ में आशियाने का सपना संजोए लोगों को भी अब इंतजार करना होगा.

इन योजनाओं पर ग्रहण

इनर रिंग रोड अटका

मेरठ में दिल्ली- रुड़की बाईपास, हापुड़ रोड से गढ़ रोड होते हुए मवाना रोड और एनएच 58 को मिलाने वाली करीब 35 किमी लंबी और 45 मीटर चौड़ी इनर रिंग रोड का प्रस्ताव भी आदर्श आचार संहिता के प्रभावी होते ही ठंडा पड़ गया। भाजपा के चुनावी मंचों से हो घोषणाओं में शामिल इनर रिंग रोड को तत्कालीन कमिश्नर डॉ। प्रभात कुमार ने गति दी। मौजूदा कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने गत दिनों विभिन्न विभागों के साथ बैठक कर इनर रिंग रोड को लेकर रणनीति तैयार की। वहीं, अब आचार संहिता के प्रभावी होने के बाद फिलहाल 1166 करोड़ रुपए की लागत की इस परियोजना पर ब्रेक लग गया है।

नहीं बन सके फ्लाईओवर्स

तेजगढ़ी फ्लाईओवर का निर्माण कार्य शासन की अनुमति के बाद भी शुरू नहीं हो सका है। प्रोजेक्ट को लेकर मेरठ विकास प्राधिकरण को अभी मेरठ मेट्रो का निर्माण कर रही कंपनी राइट्स की अनुमति नहीं मिली। अब आचार संहिता के चलते यह परियोजना भी अटक गई। इसी तरह बेगमपुल और हापुड रोड क्रॉसिंग पर भी फ्लाईओवर का निर्माण भी अब फाइलों में है।

उड़ान अभी सपना

मेरठ को रीजनल एयर कनेक्टिविटी उड़ान योजना में बेशक स्थान मिल गया हो किंतु शासन- प्रशासन की हीलाहवाली से यह प्रोजेक्ट अधर में है। जबकि पड़ोसी जनपद गाजियाबाद में डोमेस्टिक एयर कॉरीडोर का आचार संहिता से पूर्व पीएम नरेंद्र मोदी ने शिलान्यास किया। फिलहाल में केंद्र में सरकार के गठन तक मेरठ के लिए महत्वाकांक्षी उड़ान योजना के लिए इंतजार करना होगा।

आशियाने का सपना अधूरा

केंद्र सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों को भी निराशा मिली है। केंद्र और राज्य सरकार के कडे़ निर्देशों के बाद भी पात्र लाभार्थियों को आवास का आवंटन नहीं हो सका है। बता दें कि मेरठ में 1088 प्रधानमंत्री आवास का निर्माण मेरठ विकास प्राधिकरण करा रहा है। आचार संहिता के लागू होने से पहले तक प्रदेश सरकार ने काफी कोशिश की किंतु पात्रों को आवास मुहैया नहीं कराया जा सका।

बाहरी विकास कार्यो पर भी ब्रेक

मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा कई आवासीय योजनाओं में बाह्य और आंतरिक विकास कार्यो को कराया जा रहा था, किंतु आचार संहिता के प्रभावी होने से फिलहाल इन कामों पर भी ब्रेक लगा गया। एमडीए के उपाध्यक्ष राजेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि ऑन गोइंग प्रोजेक्ट के अलावा किसी भी नए निर्माण कार्य को आचार संहिता के दौरान मंजूरी नहीं होगी।

टेंडर प्रक्रिया पर रोक

आचार संहिता के प्रभावी होते ही जनपद में सभी विकास कार्यो पर रोक लगा दी गई है। डीएम अनिल ढींगरा के निर्देश पर एडीएम प्रशासन ने सभी निर्माण विभागों को पत्र जारी कर निर्माण कार्यो, प्रस्तावित कार्यो की स्थिति और प्रगति तलब की है। आचार संहिता के अनुपालन में नए प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य न हो, इसके लिए डीएम के आदेश पर पीडब्ल्यूडी को निगरानी के लिए नोडल विभाग बनाया गया है.

आचार संहिता लागू रहने तक जनपद में किसी भी प्रकार की योजना, प्रोजेक्ट का नया टेंडर जारी नहीं होगा। टेंडर यदि जारी हो गया है और निर्माण कार्य आरंभ नहीं हुआ तो भी निर्माण नहीं होगा, भले ही एग्रीमेंट आदि प्रक्रियाओं को पूर्ण कर लिया गया हो, सिर्फ वही निर्माण कार्य हो सकेंगे जो टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर चल रहे थे।

रामचंद्र, एडीएम प्रशासन

inextlive from Meerut News Desk


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