तेज बहादुर का नामांकन रद कहा हुआ अन्याय जाएंगे सुप्रीम कोर्ट

2019-05-01T05:04:11+05:30

लम्बे समय से तेज बहादुर के नामांकन को लेकर चल रहा सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया। बुधवार दोपहर जिला निर्वाचन अधिकारी ने बर्खास्त बीएसएफ जवान एवं सपा प्रत्याशी तेज बहादुर यादव का नामांकन रद्द कर दिया।

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VARANASI : जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेद्र सिंह ने बताया कि स्टेट या सेंट्रल गवर्नमेंट का एम्पलाई अगर किसी कारण बर्खास्त किया गया हो तो वह 5 साल तक चुनाव नहीं लड़ सकता है। इसी आधार पर तेज बहादुर यादव का नामांकन खारिज किया गया है।

निर्वाचन अधिकारी ने दी लिखित जानकारी
कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर आये तेज बहादुर यादव ने मीडिया को खुद बताया कि उनका नामांकन निरस्त हो गया है और निर्वाचन अधिकारी से लिखित रुप में इसकी जानकारी मिल गयी है। उन्होंने कहा कि जानबूझकर मेरा पर्चा निरस्त किया गया है। सरकार के दबाव में यहां के निर्वाचन अधिकारी काम कर रहे हैं। जबकि जो भी डॉक्यूमेंट हमें उपलब्ध कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने कहा था, वह डॉक्यूमेंट उपलब्ध करा दिया था। इसके बावजूद मेरा नामांकन बिना किसी आधार के निरस्त कर दिया।

दस्तावेज देने के बाद भी नामांकन रद

तेज बहादुर यादव ने कहा कि चुनाव आयोग ने जिन दस्तावेजों के लिए नोटिस दी थी वह मंगा लिए गये थे इसके बाद भी उनका नामांकन निरस्त किया गया है। निर्वाचन अधिकारियों ने कहा कि दस्तावेज देने के लिए आपको सुबह 11 बजे का समय दिया गया था। निर्धारित समय तक दस्तावेज नहीं मिलने के चलते ही नामांकन खारिज किया गया है। तेज बहादुर यादव ने कहा कि यहां के जिलाधिकारी पर ऊपर का दबाव बहुत था इसलिए नामांकन निरस्त किया गया है। तेज बहादुर यादव ने कहा कि वह अब सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। फिलहाल पार्टी जैसा कहती है उसी अनुसार आगे की कार्रवाई की जायेगी।
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पर्चा निरस्त होने तक बना रहा सस्पेंस
लोकसभा चुनाव 2019 में वाराणसी संसदीय सीट पर नामांकन करने से लेकर पर्चा निरस्त होने तक सस्पेंस ही रहा था। ऐन समय पर तेज बहादुर यादव ने अखिलेश यादव व मायावती के गठबंधन के तहत नामांकन किया था और काफी मंथन के बाद ही उनका नामांकन निरस्त किया गया है।



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