आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू स्कूलकाॅलेजों में बढ़ेंगी 2 लाख से ज्यादा सीटें

2019-04-16T01:44:11+05:30

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों ईडब्ल्यूएस को केंद्रीय शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश के लिए 10 फीसदी आरक्षण की मंजूरी दे दी गई है। इसके लिए अतिरिक्त सीटें बढ़ाने के साथ खर्च की भी मंजूरी मिल गई है।

नई दिल्ली (आईएएनएस)। केंद्रीय शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश की चाहत रखने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों (ईडब्ल्यूएस) के लिए खुश खबरी है। उन्हें अब केंद्रीय शैक्षणिक संस्थाओं में 10 फीसदी आरक्षण के तहत प्रवेश मिलेगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सोमवार को कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए प्रवेश के लिए 2.15 लाख अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएंगी। ये सीटें केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले 158 शैक्षिक संस्थानों में अगले दो वर्षों के शैक्षणिक सत्र में 2019-20 में 1,18,983 सीटें और 2020-21 में 95,783 बढ़ाई जाएंगी।
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मंत्रालय ने 4315.15 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी
इसके लिए मंत्रालय ने 4315.15 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। बता दें कि लोकसभा चुनाव में पहले दौर के मतदान के कुछ दिनों बाद कैबिनेट की मंजूरी आई। सूत्रों की मानें तो मानव संसाधन मंत्रालय विकास (MHRD) ने जनवरी में ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत रिजर्वेशन प्रदान करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए थे। इसमें कहा गया था कि अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति, सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए पहले से आरक्षित सीटों में कोई कटाैती नहीं होगी। मंत्रालय ने 103वें संविधान संशोधन के अनुपालन के मद्देनजर दिया था।


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