कप्तान साहब यहां अतिक्रमण हटाइये तो जानें

2018-12-19T06:01:21+05:30

- निशातगंज और निरालानगर ओवरब्रिज के नीचे अतिक्रमण व अवैध पार्किंग की भरमार

- दिनभर लगता है जाम, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में जुटी पुलिस व नगर निगम का इस ओर नहीं ध्यान

LUCKNOW : लखनऊ पुलिस और नगर निगम ने इन दिनों राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने बीड़ा उठा रखा है। व्यस्त सड़कों पर युद्ध स्तर पर अतिक्रमण व अवैध पार्किंग पर नकेल कसने के लिये तमाम जतन किये जा रहे हैं। लेकिन, शहर के बीचोबीच स्थित निशातगंज व निरालानगर ओवरब्रिज के नीचे किसी का ध्यान नहीं जा रहा। दोनों ही ओवरब्रिज के नीचे अतिक्रमण व अवैध पार्किंग की भरमार है, जिसके चलते दोनों इलाकों में दिनभर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। तमाम अभियान के बीच इन अतिक्रमणकारियों की मौजूदगी मानो एसएसपी लखनऊ और नगर आयुक्त को चुनौती दे रही है कि यहां अतिक्रमण हटाइये तो जानें

फलमंडी गुलजार, अवैध पार्किंग की भरमार

निशातगंज ओवरब्रिज के नीचे अतिक्रमणकारी किस कदर बेखौफ हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नीचे की सड़क को बांस के टट्टर लगाकर घेर लिया गया है। जो जितना बड़ा दबंग उसका उतने बडे़ एरिया पर कब्जा। टट्टर के भीतर फलों का गोदाम बनाया गया है। इनके आगे दुकानदार फलों की दुकान सजाते हैं। दुकानों के आकार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह दुकानें ठेले से लेकर जमीन तक फैली होती है। वहीं, दुकानों के आसपास फलों को रखने व सजावट के लिये डलिया व अन्य सामान ढेर रहता है। ओवरब्रिज के नीचे अतिक्रमण और सड़क के दूसरी ओर दुकानों पर आने वाले ग्राहकों की गाडि़यां सड़क को बेहद संकरा बना देती है। जिसके चलते वहां दिनभर जाम लगा रहता है। आलम यह है कि मामूली दूरी को तय करने में कई बार लोगों को घंटों का इंतजार करना पड़ता है। कई बार तो राहगीरों व अतिक्रमणकारियों के बीच विवाद भी हो जाता है। अतिक्रमण व अवैध पार्किंग का सिलसिला दशकों से जारी है लेकिन, इस ओर न पुलिस का ध्यान जाता है और न ही नगर निगम का।

चौराहे की व्यवस्था चौपट

निशातगंज ओवरब्रिज के नीचे सजने वाली फल मंडी से अगर राहगीर किसी तरह पार भी हो गए तो उनका सामना निशातगंज चौराहे (करामत मार्केट चौराहा) से होता है। मेट्रो का निर्माण, अतिक्रमण, अवैध पार्किंग व अवैध टेम्पो स्टैंड की वजह से इस चौराहे का नजारा किसी चक्रव्यूह सा नजर आता है। गाडि़यों व अतिक्रमण का ऐसा मकड़जाल कि महज 150 मीटर के इस टुकड़े को पार करने में लंबा वक्त लगता है। वहीं, अगर कोई इसे बिना किसी बाधा पार कर जाए तो वह इसे अपने लिये बड़ी उपलब्धि मानता है। आलम यह है कि इस चौराहे पर अगर कोई चौपहिया वाहन लेकर निकल जाता है तो वह बिना खरोंच या टक्कर के पार करना बेहद मुश्किल है। इतने मुश्किल हालात के बीच न तो पुलिस इस अतिक्रमण व अवैध पार्किंग को हटाने में रुचि लेती है और न ही नगर निगम ही इस ओर ध्यान देता है। वहीं, चौराहे पर ट्रैफिक संभालने के लिये एक भी ट्रैफिककर्मी का तैनात न होना विभागों की इसके प्रति मंशा को भी दर्शाता है।

बॉक्स

पार्किंग स्टेशन बना ओवरब्रिज का निचला हिस्सा

निशातगंज की ही तरह निराला नगर ओवरब्रिज का निचला हिस्सा भी कब्जेदारी का शिकार हो चुका है। यहां पर मंडी न होने की वजह से दुकानें तो नहीं सजती लेकिन, इसके निचले हिस्से को स्थानीय व्यापारियों ने पार्किंग स्टेशन बना लिया है। लाइन से खड़े चौपहिया वाहन नीचे की सड़क को संकरा बना रहे हैं। पर, इस ओर किसी भी महकमे का ध्यान नहीं जा रहा।

वर्जन

निशातगंज ओवरब्रिज के नीचे समय- समय पर अतिक्रमण हटवाया जाता है। इस समस्या को स्थायी रूप से दूर करने के लिये एडीएम व नगर आयुक्त से वार्ता कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

- हरेंद्र कुमार, एसपी, ट्रांसगोमती

inextlive from Lucknow News Desk


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