जेएनयू की पूर्व स्टूडेंट लीडर शहला पर दून में केस

2019-02-19T06:00:32+05:30

देहरादून: कश्मीरी छात्राओं को बंधक बनाने को लेकर की गई टिप्पणी पर जेएनयू की पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष शहला राशिद के विरुद्ध पुलिस ने सोमवार को केस दर्ज कर लिया है। शहला ने रविवार को ट्वीट किया था कि देहरादून में शनिवार को कुछ छात्राओं को बंधक बना लिया गया है और पुलिस कुछ नहीं कर रही है। शहला के इस ट्वीट के बाद सीएम और उत्तराखंड पुलिस को स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी थी।

अफवाह पर की थी टिप्पणी

अफवाह यह थी कि शनिवार को पुलवामा आतंकी हमले के विरोध में प्रेमनगर के लोगों ने जुलूस निकाला। जुलूस एक हॉस्टल के सामने से गुजरा तो हॉस्टल की छत पर मौजूद कुछ छात्राएं आपत्तिजनक नारे लगाने लगीं, जिसके बाद लोग उग्र हो गए और हॉस्टल के बाहर धरने पर बैठ गए। इस पर सोशल मीडिया पर प्रचारित किया गया कि कश्मीरी छात्राओं को बंधक बनाया गया। शहला राशिद ने भी इस पर ट्वीट किया था, जिसके बाद पूरे देश में कश्मीरी स्टूडेंट्स की सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ गई। केंद्र सरकार को देश भर में पढ़ रहे कश्मीरी स्टूडेंट्स की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी करनी पड़ी। वहीं, सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी ट्वीट कर कहा कि कश्मीरी छात्र-छात्राएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके बाद डीजी लॉ एंड ऑर्डर ने सभी जिलों को एडवाइजरी जारी कर कश्मीरी छात्र-छात्राओं की पुख्ता सुरक्षा के निर्देश दिए थे। शहला राशिद पर प्रेमनगर के देवराज की तहरीर पर आईपीसी की धारा 153, 505 (2) व 504 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

कश्मीरी छात्राओं को बंधक बनाए जाने की खबर निराधार थी। वह सभी सुरक्षित हैं, इसे लेकर शहला ने ट्वीट किया था कि पुलिस वहां मौजूद है, लेकिन भीड़ को हटाने के लिए कुछ नहीं कर रही। शहला के विरुद्ध केस फाइल किया गया है।

- निवेदिता कुकरेती, एसएसपी, देहरादून

inextlive from Dehradun News Desk


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