याहू की सीईओ बर्ख़ास्त

2011-09-08T13:00:00+05:30

बाज़ार में घटते रसूख़ से परेशान इंटरनेट कंपनी याहू ने अपनी मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैरोल बार्ट्ज़ को ढ़ाई साल तक शीर्ष पर रखने के बाद नौकरी से निकाल दिया है

मंगलवार को जारी एक बयान में याहू के तरफ़ से कहा गया है कि कंपनी के बोर्ड ने उन्हें 'तत्काल प्रभाव' से हटा दिया है। याहू के मुख्य वित्तीय अधिकारी टिम मोर्स कैरोल की जगह लेंगे।

कैरोल की बर्ख़ास्तगी की ख़बर सामने आते ही याहू के शेयरों में छह फ़ीसदी से ज़्यादा का उछाल देखने में आया। याहू की तुलना में इंटरनेट की दुनिया में गूगल और फ़ेसबुक का रसूख़ बढ़ता ही जा रहा है। कैरोल को कंपनी 2009 में याहू की बुरी हालत को सुधारने के लिए लाई थी लेकिन वो कुछ ख़ास नहीं कर सकीं।

कैरोल का कार्यकाल

कैरोल को 2009 में याहू के संस्थापकों में से एक जैरी यान की जगह लेने के लिए लाया था। उन्होंने याहू में कई बदलाव किये और नौकरियों में कटौतियां भी कीं। कैरोल ने परंपरागत रूप से सर्च इंजन की तरह से काम करने वाले याहू को अपने ग्राहकों की इच्छा के अनुरूप बदलने वाली कंपनी के रूप में बढ़ाया।

पर सोशल नेटवर्किंग का क्षेत्र ऐसा था जिसमे अनुपस्थिति ने याहू को बड़ा नुकसान पहुंचाया। तकनीक के क्षेत्र में काम करने वाले लैरी मैगिड का कहना है, "कैरोल याहू के बाज़ार को बढ़ाने के लिए कुछ ख़ास नहीं कर पाईं और वो लोग अभी तक कोई ऐसा आदमी ढूंढ रहे हैं जो उनकी कीमत बढ़ा सके."

मैग्रिड कहते हैं कि फ़ेसबुक और यहाँ तक कि गूगल भी याहू से सोशल नेटवर्किंग के मामले में बहुत आगे हैं। मैग्रिड का मानना है "याहू के पास कुछ कमाल की वेबसाइटें हैं, जानकारी है, खेल बाज़ार और अन्य मामलों पर ताज़ातरीन खबरें हैं लकिन इन सबसे पैसा नहीं आता."

कैरोल ने मंगलवार को याहू के कर्मचारियों को एक छोटा सा मेल लिखा " मुझे यह बताते हुए दुख है कि मुझे कुछ देर पहले फ़ोन पर नौकरी से निकाल दिया गया है। मुझे बोर्ड के चेयरमैन का फ़ोन आया था." कैरोल ने याहू के सभी कर्मचारियों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया है।


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