ऑटो व ई रिक्शा दे रहे सिस्टम को चुनौती

2019-05-08T06:00:48+05:30

मानकों को ताक पर रखकर शहर की सड़कों पर जाम और अतिक्रमण का बने कारण

15 हजार महज आंकड़ों में, सड़कों पर दौड़ रहे 50 हजार से अधिक

15687 ऑटो व ई रिक्शा ही परिवहन विभाग के आंकड़ों में दर्ज

4091 ई रिक्शा ही परिवहन विभाग के आंकड़ों में दर्ज हैं

20 हजार से अधिक ई-रिक्शा अवैध रुप से हो रहे संचालित

10, 526 पैसेंजर थ्री व्हीलर और 1070 गुडस थ्री व्हीलर ही विभाग में पंजीकृत

30 हजार से अधिक अवैध ऑटो रिक्शा हो रहे हैं संचालित

MEERUT। शहर की सड़कों पर अपने वाहन को लेकर निकलना आज किसी भी वाहन मालिक के लिए भारी सिरदर्द से कम काम नहीं है। शहर के चौराहों से लेकर बाजारों की सड़कें ऑटो और ई रिक्शा के कारण जाम से जूझते रहती हैं। इन ऑटो और ई रिक्शा के कारण शहर की सड़कों का साइज भी इस कदर कम होता जा रहा है कि कार तो दूर साइकिल सवार भी नही निकल सकते।

आंकड़ों में मात्र 15 हजार

परिवहन विभाग के आंकडों पर नजर डालें तो जनपद की सड़कों पर चलने के लिए मात्र 15687 ऑटो व ई रिक्शा रजिस्टर्ड हैं। इनमें से भी मात्र 4091 ई रिक्शा हैं जबकि शहर की सड़कों 20 हजार से अधिक अवैध रुप से ई रिक्शा संचालित हो रहे हैं। वहीं अगर आटो रिक्शा या थ्री व्हीलर की बात करें तो 10, 526 पैसेंजर थ्री व्हीलर और 1070 गुडस थ्री व्हीलर ही विभाग में पंजीकृत हैं। जबकि अकेले लिसाड़ी गेट, गोला कुंआ, भूमियापुल, बागपत रोड, दिल्ली रोड पर ही 30 हजार से अधिक अवैध आटो रिक्शा संचालित हो रहे हैं।

कलर कोड व्यवस्था धड़ाम

शहर की स्थिति पर नजर डालें तो आटो और ई रिक्शा के संचालन के लिए टै्रफिक पुलिस द्वारा शहर के अंदर के इलाके प्रतिबंधित किए गए थे। इसमें गढ़ रोड, बेगमपुल रोड, आबूलेन आदि इलाकों में आटो व ई रिक्शा प्रतिबंधित था। बाकि सड़कों पर संचालन के लिए भी ऑटो रिक्शा के लिए कलर कोड जैसे देहात के ऑटो के लिए मेडिकल कॉलेज तक पीला रंग, शहर में हापुड अड्डे से अंदर संचालन के लिए सफेद रंग को लागू किया गया था लेकिन आज यह सब व्यवस्था धड़ाम हो चुकी है।

ये हैं जाम के प्रेशर पाइंट

सम्राट पैलेस तिराहा

हापुड अड्ड़ा

भूमिया पुल

गोला कुआं

फुटबाल चौराहा

लालकुर्ती चौराहा

बेगमपुल चौराहा

सोतीगंज तिराहा

भैंसाली बस डिपो

पीएल शर्मा रोड

जिला अस्पताल

घंटाघर चौराहा

बुढाना गेट

अवैध ऑटो व ई रिक्शा के लिए समय समय पर अभियान चलाकर जब्त किया जाता है, लेकिन यह प्रमुख रुप से टै्रफिक पुलिस की निगरानी का काम है।

दिनेश शर्मा, एआरटीओ प्रवर्तन

अवैध ऑटो और ई रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। रोजाना ऐसे ई रिक्शा की धरपकड़ के लिए अभियान चल रहा है।

संजीव बाजपेई, एसपी ट्रैफिक

कम से कम प्रतिबंधित क्षेत्र में ही ऑटो का संचालन रोक दिया जाए इससे ही शहर के प्रमुख बाजार व मार्ग जाम की समस्या से निजात पा जाएंगे।

शरीफ

यातायात पुलिस की मिलीभगत से अवैध आटो ई रिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे हैं। उनकी नजर के सामने ही चौराहों से सवारियां बैठाने के लिए जाम लगा दिया जाता है।

डॉ। नफीस

जाम तो लगेगा ही जब संख्या से सौ गुना अधिक ऑटो ई रिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे हैं। विभाग को भी इनकी सही संख्या नही पता है।

विनोद शर्मा

inextlive from Meerut News Desk


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