Chardham Yatra भेष बदलकर पहुंचे DM सफाई व्यवस्था से नाराज हुए तो चार अफसरों पर गिरी गाज

2019-06-11T10:09:47+05:30

Chardham Yatra के दाैरान केदारनाथ में जिलाधिकारी ने आम यात्री बनकर जब केदारनाथ यात्रा पड़ावों का जायजा लिया तो व्यवस्था की पोल खुल गई

- यात्रा व्यवस्थाओं की हकीकत जानने के लिए डीएम रात एक बजे पहुंचे गौरीकुंड

- अवर अभियंता, सहायक अभियंता निलंबित, गौरीकुंड चौकी प्रभारी को हटाया

- सफाई व्यवस्था न होने पर अधिशासी अभियंता पर दस हजार जुर्माना लगाया

dehradun@inext.co.in
RUDRAPRAYAG: जिलाधिकारी ने आम यात्री बनकर जब केदारनाथ यात्रा पड़ावों का जायजा लिया तो व्यवस्था की पोल खुल गई। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने जहां अवर अभियंता और सहायक अभियंता को निलंबित करने के निर्देश दिए, वहीं अधिशासी अभियंता पर दस हजार रुपये जुर्माना किया। साथ ही गौरीकुंड चौकी प्रभारी की निष्क्रियता को पाए जाने पर उन्हें हटाने के आदेश भी जारी किए।

यात्रा में अव्यवस्था की मिल रही थी शिकायत
केदारनाथ यात्रा में इन दिनों रोजाना तीस हजार से अधिक यात्री दर्शनों को पहुंच रहे हैं। यात्रा में अव्यवस्था की शिकायत पर डीएम मंगेश घिल्डियाल संडे रात एक बजे करीब प्राइवेट वाहन से निरीक्षण के लिए गौरीकुंड पहुंच गए। डीएम ने संडे रात्रि से मंडे दोपहर बारह बजे तक करीब 11 घंटे गौरीकुंड समेत सीतापुर, सोनप्रयाग, गौरीकुंड घोड़ा पड़ाव का एक यात्री के रूप में जायजा लिया और यात्रियों से बातचीत की। साथ ही स्थानीय व्यापारियों व लोगों से भी पूछा। अधिकांश यात्रियों ने गौरीकुंड व सोनप्रयाग में शटल वाहन में आ रही दिक्कत, पुलिस की निष्क्रियता व सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। सीतापुर, सोनप्रयाग, गौरीकुंड में साफ-सफाई व्यवस्था तथा सोनप्रयाग पार्किंग, तप्तकुंड एवं गौरीकुंड घोड़ा पड़ाव के शौचालयों का डीएम ने निरीक्षण किया। गौरीकुंड में दो शौचालयों में पानी की आपूíत न होने के कारण अत्यंत गंदगी पाई गई। डीएम ने सहायक अभियंता अमित कुमार व अवर अभियंता आनंद पंवार को घोर लापरवाही बरतने पर निलंबित करने की संस्तुति की है।

कोई भी पुलिस का जवान यहां तैनात नहीं

अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान के विरूद्ध 'उत्तराखंड कूड़ा फेंकना एवं थूकना प्रतिषेध विधेयक-2016' के तहत 10 हजार का जुर्माना लगाया तथा इसे राजकोष में जमा कराने के आदेश दिए। डीएम ने आम यात्री की तरह गौरीकुंड एवं घोड़ा पड़ाव में भी समस्याएं पूछी। निरीक्षण के दौरान देखा कि रात्रि एक बजे से ही केदारनाथ के लिए घोड़े-ख्च्चरों का संचालन शुरू हो जाता है। घोड़े-खच्चरों की व्यवस्था देखने पर स्पष्ट हुआ कि कोई भी पुलिस का जवान यहां तैनात नहीं था, जिससे भारी अव्यवस्था थी। घोड़े-खच्चर रास्ते पर ही खड़े कर दिए थे, जिससे यात्रियों को अत्यन्त परेशानियां हो रही थी। घोड़ा पड़ाव पर पुलिस/होमगार्ड का कोई भी जवान तैनात नहीं था। निरीक्षण के दौरान प्रात: 5:00 बजे से 9:00 बजे तक 4 जवान उपस्थित हुए। यात्रा का संचालन चौबीस घंटे होने के बाद भी वहां पर पुलिस के जवान मात्र चार घंटे की ड्यूटी दे रहे थे। इस संबंध में स्थानीय वाहन चालकों एवं व्यक्तियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने गौरीकुंड में पुलिस अव्यवस्था पर सवाल उठाए। सोनप्रयाग में भी शटल सेवा में भी भारी अव्यवस्था पाई, जबकि पुलिस की भूमिका कम नजर आई। डीएम ने पुलिस अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से चौकी प्रभारी गौरीकुण्ड को हटाते हुए उनके विरूद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई को कहा। डीएम ने स्पष्ट किया है कि यात्रा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 


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