डॉक्टर के घर से नाबालिग रेस्क्यू

2019-04-07T06:00:12+05:30

- बाल आयोग की टीम ने मुक्त कराया बच्ची को

- आरोपी डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज, बच्ची भेजी बालिका निकेतन

- लखीमपुर खीरी से लाई गई थी बच्ची, हयूमन ट्रैफिकिंग का हो सकता है मामला

देहरादून। रेसकोर्स वैली में एक डॉक्टर के घर से बाल आयोग ने एक 10 वर्षीय नाबालिग बच्ची को मुक्त कराया। डॉक्टर के जुल्मों से परेशान बच्ची ने घर से भागने की कोशिश की, हालांकि गार्ड ने उसे पकड़ लिया। इस पर मोहल्ले में हंगामा हो गया और बाल आयोग को किसी ने इन्फॉर्मेशन दी। बाल आयोग की टीम मौके पर पहुंची और नाबालिग को मुक्त कराया। आरोपी डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी गई है।

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यूपी से लाई गई बच्ची

रेसकोर्स वैली निवासी डॉ। पल्लवी के घर से मुक्त कराई गई बच्ची यूपी के लखीमपुर खीरी की रहने वाली बताई जा रही है, हालांकि डॉक्टर से जब पूछताछ की गई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। ऐसे में इसे हयूमन ट्रैफिकिंग का मामला माना जा रहा है। डॉक्टर के बयानों के मुताबिक उसके किसी रिलेटिव ने बच्ची को 15 दिनों के लिए उसके घर पर छोड़ा था। बताया था कि घर में कंस्ट्रक्शन वर्क चल रहा है, ऐसे में बच्ची इधर-उधर न चली जाए, इसलिए उसे उसके घर भेजा गया था। ये बयान बाल आयोग की टीम के गले नहीं उतरा।

मौका देख घर से भागी

शनिवार को सुबह नौ बजे बच्ची ने मौका देख डॉक्टर के घर से भागने की कोशिश की। हालांकि, अपार्टमेंट से निकलते ही गार्ड ने उसे देख लिया और पकड़ लिया। बच्ची ने फिर भागने की कोशिश की तो वहां हंगामा मच गया। इसी दौरान वहां से 181 हेल्पलाइन में काम करने वाली सीमा खान गुजर रही थी, पूछताछ की तो बच्ची सीमा से चिपट गई और रोने लगी। सीमा खान ने बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी को कॉल कर सारा मामला बताया।

बच्ची को फ्रैंड के घर भेजा

सूचना पाकर बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंची। उन्होंने बच्ची को मुक्त कराया और रेसकोर्स निवासी अपनी फ्रेंड के घर भिजवाया। ऊषा ने बताया कि बच्ची तेज बुखार से तप रही थी, उसे दवा दिलाई गई। तबीयत में थोड़ा सुधार होने के बाद बच्ची को कोतवाली ले जाया गया, जहां आरोपी डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। बच्ची को बालिका निकेतन भेज दिया गया है।

बच्ची ने बताई आपबीती

बाल आयोग की टीम को बच्ची ने बताया कि आरोपी डॉक्टर उससे घर का सारा काम करवाती थी। उसके साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया जाता था, घर के लोग उसे डांटते फटकारते रहते थे।

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बच्ची को बालिका निकेतन भेज दिया गया है। लोगों ने बताया कि पहले भी डॉ। पल्लवी के घर से कुछ बच्चियां भाग चुकी हैं। मामला हयूमन ट्रैफिकिंग का लग रहा है। डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है। बच्ची को बालिका निकेतन भेज दिया गया है।

- ऊषा नेगी, अध्यक्ष, बाल अधिकार संरक्षण आयोग

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inextlive from Dehradun News Desk


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